May 15, 2026

दुर्ग-राजनांदगांव अपडेट: BSP में जबरिया रिटायरमेंट की तैयारी, सट्टा मास्टरमाइंड गिरफ्तार, खनन व अव्यवस्था पर बवाल

भिलाईनगर/राजनांदगांव/दुर्ग:
दुर्ग और राजनांदगांव जिले में प्रशासन, उद्योग और कानून-व्यवस्था से जुड़ी कई बड़ी खबरें सामने आई हैं। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) समेत सेल की यूनिटों में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) से पहले जबरिया रिटायरमेंट लागू करने की तैयारी है। यूनिट प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि खराब सेवा रिकॉर्ड, 30 साल की सेवा और 50 वर्ष से अधिक आयु वाले कर्मचारियों की सूची तैयार की जाए। एचआर विभाग इस प्रक्रिया में तेजी से जुट गया है और बड़ी संख्या में कर्मचारियों पर कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है।

शहर की सुंदरता को लेकर भी सवाल उठे हैं। भिलाई के प्रमुख चौक-चौराहों और सड़कों पर बैनर-पोस्टरों की भरमार हो गई है, जिससे नगर की छवि प्रभावित हो रही है। कार्रवाई के निर्देशों के बावजूद जिम्मेदार विभाग की निष्क्रियता पर नाराजगी बढ़ रही है।

धमधा क्षेत्र के ग्राम दानी कोकड़ी में प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना ग्रामसभा की अनुमति के सर्वे किया जा रहा है, जिससे जलस्रोत, खेती और गांव के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। चेतावनी दी गई है कि मांग नहीं मानी गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

राजनांदगांव में अक्षय तृतीया को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। सोने की कीमतें बढ़ने के बावजूद हल्के आभूषणों की मांग बढ़ी है, वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटो सेक्टर में भी ऑफर्स के चलते खरीदी तेज हुई है।

खैरागढ़ में जनगणना प्रशिक्षण शिविर के दौरान भोजन व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कर्मचारियों को बाल्टियों में भोजन परोसने की घटना से नाराजगी फैल गई और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

वहीं, राजनांदगांव पुलिस ने हाईटेक ऑनलाइन आईपीएल सट्टा रैकेट के मास्टरमाइंड सादिक खान को नागपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी सट्टा आईडी बेचने और तकनीकी सहायता के नाम पर रकम वसूलता था। पहले ही इस मामले में 6 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

छुईखदान क्षेत्र में जमीन नापने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठे हैं। आरोप है कि पटवारी और आरआई खुद मौके पर नहीं जाकर निजी लोगों के जरिए नाप-जोख करवा रहे हैं, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नागरिकों ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है।