दुर्ग/राजनांदगांव। दुर्ग और राजनांदगांव जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और विकास कार्यों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण खबरें सामने आई हैं। भिलाई के पीलिया प्रभावित क्षेत्र में पेयजल में खतरनाक बैक्टीरिया मिलने से चिंता बढ़ गई है, वहीं राजनांदगांव जिले में सरकारी स्कूलों और महाविद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी उजागर हुई है। दूसरी ओर नहर लाइनिंग और रेलवे अंडरब्रिज निर्माण में अनियमितताओं को लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है।
भिलाई में पानी की जांच में मिले खतरनाक बैक्टीरिया
बीएसपी टाउनशिप के वार्ड-67 में पेयजल के नमूनों की जांच में ई-कोलीफॉर्म और एच-2-एस बैक्टीरिया पाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार पानी पीने योग्य नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि पाइपलाइन में लीकेज के कारण सीवर या गंदा पानी पेयजल लाइन में मिल रहा है। संबंधित रिपोर्ट नगर निगम और जल विभाग को भेज दी गई है।
दुर्ग जिले का पहला मटेरियल रिकवरी सेंटर बना कोलिहापुरी
ग्राम पंचायत कोलिहापुरी की प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई को जिले के पहले आधिकारिक मटेरियल रिकवरी सेंटर (एमआरसी) के रूप में विकसित किया गया है। यहां प्रतिदिन करीब 150 किलो प्लास्टिक कचरे का प्रसंस्करण किया जा रहा है। परियोजना से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने के साथ-साथ हर माह लगभग 15 हजार रुपए का शुद्ध लाभ भी हो रहा है।
थोक कचरा उत्पादकों के लिए नए नियम
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बड़े संस्थानों और व्यावसायिक परिसरों को अपने यहां उत्पन्न होने वाले गीले और सूखे कचरे का निपटान स्वयं करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
तकियापारा में 10 दिवसीय तकरीर 17 जून से
दुर्ग के तकियापारा ईदगाह मैदान में 17 जून से 10 दिवसीय धार्मिक तकरीर कार्यक्रम शुरू होगा। कार्यक्रम में कानपुर और उत्तर प्रदेश से आने वाले प्रमुख धर्मगुरु प्रवचन देंगे। आयोजन का उद्देश्य समाज में प्रेम, सौहार्द और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना बताया गया है।
जिला अस्पताल में मुफ्त सेवाएं देंगे हृदय रोग विशेषज्ञ
प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आकाश बक्शी अब प्रत्येक शुक्रवार को जिला चिकित्सालय दुर्ग में निःशुल्क परामर्श और परीक्षण सेवाएं देंगे। इसके लिए अस्पताल के हृदय रोग विभाग में विशेष व्यवस्था की गई है।
ट्रोवॉल निर्माण में अनियमितता की शिकायत
उतई क्षेत्र के ग्राम खम्हरिया में मनरेगा के तहत बन रहे ट्रोवॉल निर्माण कार्य में अनियमितताओं का आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा, जिससे बारिश में सड़क बहने का खतरा बना हुआ है।
तीन साल बाद भी पूरा नहीं हुआ रेलवे अंडरब्रिज
राजनांदगांव के स्टेशन पारा और गौरी नगर रेलवे क्रॉसिंग के पास बन रहे अंडरब्रिज का निर्माण तीन वर्ष बाद भी अधूरा है। इससे हजारों लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और स्थानीय स्तर पर लगातार विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं।
29 करोड़ की नहर लाइनिंग परियोजना पर सवाल
मटिया मोती नाला नहर लाइनिंग परियोजना में गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। निर्माणाधीन हिस्सों में दरारें और हनीकोम्बिंग जैसी खामियां दिखाई देने की शिकायतें सामने आई हैं। क्षेत्रवासियों ने कार्य की जांच की मांग की है।
महाविद्यालयों में अतिथि प्राध्यापकों के भरोसे पढ़ाई
राजनांदगांव जिले के कई शासकीय महाविद्यालयों में स्थायी प्राध्यापकों की कमी बनी हुई है। दिग्विजय महाविद्यालय में 40 से अधिक पद रिक्त बताए जा रहे हैं, जबकि महिला महाविद्यालय में भी आधे से ज्यादा पद खाली हैं। ऐसे में पढ़ाई का बड़ा हिस्सा अतिथि प्राध्यापकों के भरोसे संचालित हो रहा है।
खरीफ सीजन में 1.69 लाख हेक्टेयर में होगी धान बोनी
कृषि विभाग ने खरीफ 2026 के लिए जिले में 1.83 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों की बोनी का लक्ष्य तय किया है। इसमें 1.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती प्रस्तावित है। दलहन, तिलहन और अन्य फसलों के लिए भी लक्ष्य निर्धारित कर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
जिले के स्कूलों में 600 शिक्षकों की कमी
राजनांदगांव जिले के 1,336 सरकारी स्कूलों में करीब 600 शिक्षक पद रिक्त हैं। सहायक शिक्षक, व्याख्याता, प्राचार्य, ग्रंथपाल और व्यायाम शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई स्कूलों में व्यवस्था चलाने के लिए डीएमएफ फंड से ट्यूटर नियुक्त किए गए हैं।





