September 4, 2026

दुर्ग में ट्रांसपोर्ट कारोबारी के ठिकानों पर GST की जांच, दूसरे दिन 9 घंटे खंगाले दस्तावेज

रायपुर। दुर्ग जिले में ट्रांसपोर्ट कारोबारी इंद्रजीत सिंह के ठिकानों पर स्टेट GST की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। मंगलवार को 12 सदस्यीय टीम ने करीब 9 घंटे तक दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की। सुबह 11 बजे शुरू हुई कार्रवाई रात करीब 8:30 बजे तक चली।

जांच के दौरान सिर्फ HTC के रिकॉर्ड ही नहीं, बल्कि इंद्रजीत सिंह से जुड़ी दूसरी कंपनी दलबीर सिंह एंड सन्स पार्टनरशिप के दस्तावेज भी खंगाले गए। GST टीम अब दोनों कंपनियों के वित्तीय वर्ष 2020-21 से जुड़े रिकॉर्ड, लेनदेन, ऑडिट रिपोर्ट और कंसाइनमेंट की जानकारी का मिलान कर रही है।

BSP के साथ सीमेंट कंपनियों का भी ट्रांसपोर्ट कारोबार

जांच में सामने आया है कि इंद्रजीत सिंह की कंपनियों का कारोबार सिर्फ भिलाई स्टील प्लांट (BSP) तक सीमित नहीं है। दो सीमेंट फैक्ट्रियों के लिए भी ट्रांसपोर्टेशन का काम किया जाता है।

तीनों संस्थानों की ओर से ट्रांसपोर्टेशन के लिए वर्क ऑर्डर जारी किए जाते हैं। GST टीम इन वर्क ऑर्डर के आधार पर किए गए काम, कंपनी के बिल, कंसाइनमेंट और लेनदेन का मिलान कर रही है। कंपनी BSP और सीमेंट फैक्ट्रियों से माल उठाकर देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाती है।

3 दिन का सर्च वारंट, आज फिर पहुंच सकती है टीम

GST टीम ने कोर्ट से तीन दिन का सर्च वारंट हासिल किया है। मंगलवार रात करीब 8:30 बजे टीम वापस लौटी। वारंट की अवधि को देखते हुए बुधवार को भी टीम HTC के ठिकानों पर जांच के लिए पहुंच सकती है।

अधिकारियों के मुताबिक, ऑडिट रिपोर्ट और कंसाइनमेंट से जुड़े दस्तावेज भी जांच के लिए मंगाए जाएंगे। इनका कंपनी के रिकॉर्ड और लेनदेन से मिलान करने के बाद ही टैक्स में किसी अंतर या गड़बड़ी की स्थिति स्पष्ट होगी।

12 कंप्यूटर और 20 कर्मचारियों का रिकॉर्ड खंगाला

कार्रवाई के दौरान GST टीम ने कार्यालय में लगे 12 कंप्यूटरों की जांच की। इसके अलावा करीब 20 कर्मचारियों से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले गए। टीम कागजी रिकॉर्ड के साथ डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।

लेनदेन और कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड में किसी तरह का अंतर है या नहीं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। इंद्रजीत सिंह से स्क्रैप ट्रेडिंग को लेकर भी पूछताछ की गई। पूछताछ में उन्होंने बताया कि पहले उनकी स्क्रैप ट्रेडिंग कंपनी थी, लेकिन लंबे समय से यह कारोबार बंद है।

बलौदाबाजार यार्ड में भी हुई थी जांच

सोमवार को GST टीम ने बलौदाबाजार स्थित यार्ड में भी जांच की थी। टीम के मुताबिक, यार्ड का इस्तेमाल मुख्य रूप से ट्रकों की पार्किंग के लिए किया जाता है। वहां कारोबार से जुड़े दस्तावेजों के बजाय ड्राइवरों से संबंधित कागजात मिले, जिसके बाद पहले ही दिन यार्ड की जांच पूरी कर दी गई।

दो कंपनियों के जरिए संचालित होता है कारोबार

जांच के दौरान सामने आया है कि इंद्रजीत सिंह का ट्रांसपोर्ट कारोबार दो कंपनियों के माध्यम से संचालित होता है। पहली कंपनी हेवी ट्रांसपोर्ट कंपनी (HTC) है, जबकि दूसरी दलबीर सिंह एंड सन्स पार्टनरशिप है। इस फर्म में उनकी पत्नी समेत अन्य लोग पार्टनर बताए जा रहे हैं।

HTC वर्ष 2017 से पहले से ट्रांसपोर्ट कारोबार में सक्रिय है। अब GST टीम पुराने और मौजूदा रिकॉर्ड का मिलान कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही किसी तरह की टैक्स देनदारी या अनियमितता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।