September 4, 2026

दुर्ग विश्वविद्यालय के कुलसचिव को हाईकोर्ट से झटका, FIR रद्द करने की याचिका खारिज

दुर्ग। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। पद के कथित दुरुपयोग और विश्वविद्यालय की दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन से राशि वसूलने के मामले में दर्ज FIR रद्द करने की कुलसचिव की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।

घर में काम करने वाली महिला को बनाया दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी

मामले के अनुसार, कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप ने अपने घर में खाना बनाने का काम करने वाली शुभांगी मराठे को करीब दो साल पहले विश्वविद्यालय में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के तौर पर नियुक्त कराया था। आरोप है कि महिला ने विश्वविद्यालय में कभी काम नहीं किया।

बताया गया कि कुलसचिव के निर्देश पर महिला महीने के अंतिम दिन विश्वविद्यालय आती थी और पूरे महीने की उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर कर चली जाती थी।

वेतन का बड़ा हिस्सा दूसरे खाते में ट्रांसफर करने का आरोप

आरोप है कि वेतन मिलने के बाद महिला अपने खाते में 2,200 रुपए रखती थी और बाकी करीब 9 हजार रुपए कुलसचिव के पुत्र उदय प्रताप कुलदीप के खाते में ट्रांसफर कर देती थी।

जून महीने के अंत में जब महिला हस्ताक्षर करने विश्वविद्यालय पहुंची, तब उसने पूरे मामले की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को दी। महिला ने लिखित आवेदन देकर पूरा वेतन दिलाने और विश्वविद्यालय में वास्तविक कार्य पर नियोजित करने की मांग की।

बैंक स्टेटमेंट और UPI ट्रांजेक्शन के सबूत सौंपे

शुभांगी मराठे ने शिकायत के साथ अपनी पासबुक की छायाप्रति, शपथपत्र, बैंक स्टेटमेंट और UPI ट्रांजेक्शन से जुड़े दस्तावेज भी विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपे।

इसके बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की। समिति ने उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों की जांच कर अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपी।

3 अगस्त को दर्ज हुई FIR

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कुलसचिव के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई के लिए एसएसपी दुर्ग को रिपोर्ट भेजी गई। इसके बाद 3 अगस्त को मोहन नगर थाने में धारा 316(4) के तहत FIR दर्ज की गई।

FIR को रद्द कराने के लिए कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके साथ ही उन्होंने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के गठन और उसकी रिपोर्ट को भी चुनौती दी थी।

हाईकोर्ट ने याचिका की खारिज

मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने की याचिका खारिज कर दी है। याचिका में छत्तीसगढ़ राज्य, उच्च शिक्षा विभाग, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलपति, सहायक कुलसचिव, जांच समिति की समन्वयक एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. नीलू श्रीवास्तव समेत अन्य को प्रतिवादी बनाया गया था।

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद कुलसचिव के खिलाफ दर्ज FIR पर आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।