July 23, 2026

सहकारी बैंक घोटाले की ईडी जांच शुरू, 30.51 करोड़ की अनियमितता पर कृषि मंत्री ने किया स्वागत

रायपुर। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर की शंकरगढ़, कुसमी, रामानुजगंज और रामचंद्रपुर क्षेत्र की समितियों में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच शुरू कर दी है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने ईडी जांच का स्वागत करते हुए कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को खाद और बीज की आपूर्ति दोबारा शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2020-21 से 2023-24 के बीच जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अंबिकापुर से जुड़ी कई समितियों में वित्तीय अनियमितताओं और गबन के मामले सामने आए थे। इन अनियमितताओं के कारण सैकड़ों किसानों को समय पर नकद ऋण, खाद और बीज नहीं मिल पा रहे थे, जिससे उनमें भारी असंतोष था।

497 किसानों की शिकायतों में उजागर हुई अनियमितता

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए बैंक प्रशासन और राज्य सरकार ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू की। कई कर्मचारियों को निलंबित किया गया है और मामले की जांच जारी है।

सरकारी जानकारी के अनुसार, प्रभावित शाखाओं से जुड़े करीब 497 किसानों की शिकायतों में 30 करोड़ 51 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। किसानों को राहत देने के लिए संबंधित समितियों को पात्र किसानों की सूची तैयार कर मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं। सूची प्राप्त होने के बाद ऋण स्वीकृति और वितरण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनकी कृषि गतिविधियों को निर्बाध बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

मंत्री ने कहा कि पूरे मामले की जांच अब ईडी द्वारा की जा रही है और उन्हें उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच के जरिए घोटाले की पूरी सच्चाई सामने आएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

खाद-बीज वितरण फिर शुरू

सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बाद प्रभावित क्षेत्रों में खाद और बीज वितरण व्यवस्था फिर से शुरू हो गई है। इससे किसानों को राहत मिली है और आगामी कृषि सीजन की तैयारियों को गति मिली है।

कृषि मंत्री ने कहा कि सहकारी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना और किसानों के हितों की रक्षा करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी आवश्यक कदम उठा रही है।