January 16, 2026

धमतरी में शिक्षाकर्मी भर्ती घोटाले पर बड़ी कार्रवाई, 8 प्रधान पाठक बर्खास्त

धमतरी। साल 2007 में हुए बहुचर्चित शिक्षाकर्मी भर्ती घोटाले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 प्रधान पाठकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। ये सभी शिक्षक फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी हासिल कर करीब 19 वर्षों से शिक्षा विभाग में पदस्थ थे। प्रशासन ने साफ किया है कि जांच अभी जारी है और 10 अन्य लोग भी जांच के दायरे में हैं, जिन पर जल्द कार्रवाई हो सकती है।

2007 की भर्ती प्रक्रिया में सामने आई थीं गंभीर अनियमितताएं

जानकारी के मुताबिक, धमतरी जिले के मगरलोड क्षेत्र में वर्ष 2007 में हुई शिक्षाकर्मी भर्ती के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई थीं। जांच में यह सामने आया कि कई अभ्यर्थियों ने फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी पाई और समय के साथ पदोन्नत होकर प्रधान पाठक के पद तक पहुंच गए। इस दौरान वे नियमित रूप से सरकारी वेतन और अन्य लाभ लेते रहे।

RTI से हुआ घोटाले का खुलासा

इस पूरे प्रकरण का खुलासा सूचना के अधिकार (RTI) के जरिए हुआ था। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई, लेकिन एफआईआर और जांच प्रक्रिया में करीब एक दशक का समय लग गया। अब लगभग 19 साल बाद इस मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है।

चयन समिति पर भी उठे सवाल

सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2007 की शिक्षाकर्मी भर्ती के दौरान गठित चयन समितियों में जनपद अध्यक्ष, शिक्षक समिति के सदस्य, प्रधान पाठक और कुछ जनप्रतिनिधि भी शामिल थे। आरोप है कि इन लोगों ने संगठित सिंडिकेट के रूप में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भर्ती कराई और प्रक्रिया के दौरान अवैध वसूली भी की गई।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई, आगे और नाम आ सकते हैं

गौरतलब है कि इस घोटाले में पहले भी कई शिक्षाकर्मियों को सेवा से हटाया जा चुका है। ताजा कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच पूरी होने के बाद और भी फर्जी शिक्षकों व अधिकारियों के नाम सामने आ सकते हैं