May 18, 2026

एक्साइज ड्यूटी कटौती पर कांग्रेस का हमला: “जनता नहीं, तेल कंपनियों को फायदा” – दीपक बैज

रायपुर। पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस फैसले से आम जनता को कोई राहत नहीं मिल रही, बल्कि इसका फायदा केवल तेल कंपनियों को हो रहा है।

बैज ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार के मंत्री “बरसाती मेंढक” की तरह बाहर निकलकर इस फैसले का श्रेय ले रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई कमी नहीं आई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक्साइज ड्यूटी कम हुई है, तो इसका असर आम लोगों की जेब पर क्यों नहीं दिख रहा।

आबकारी विभाग में मैनपावर सप्लाई को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा। बैज ने आरोप लगाया कि विभाग में एक ही समूह की दो कंपनियों को काम देकर अपने नेताओं को फायदा पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि जिम्मेदार मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

नशे के मुद्दे पर भी कांग्रेस नेता ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अफीम और गांजे की खेती को संरक्षण मिल रहा है और शराब के माध्यम से छत्तीसगढ़ को “नशे का गढ़” बनाया जा रहा है। विशेष रूप से कोंडागांव क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मक्के के खेतों में गांजे की खेती जैसे मामले सामने आ रहे हैं।

पेट्रोल और गैस की उपलब्धता पर चल रही बैठकों पर भी बैज ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार पर्याप्त आपूर्ति का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें दिख रही हैं। उन्होंने सरकार से वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और जनता से माफी मांगने की मांग की।

नक्सलवाद के मुद्दे पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार द्वारा तय 31 मार्च की समयसीमा के बाद कोई नया बहाना नहीं बनाया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने निर्दोष आदिवासियों के खिलाफ कार्रवाई न करने और जल-जंगल-जमीन को सुरक्षित रखने की बात कही।

कुल मिलाकर, एक्साइज ड्यूटी कटौती के फैसले ने प्रदेश में सियासी बहस को तेज कर दिया है, जहां इसे राहत बनाम राजनीति के नजरिए से देखा जा रहा है।