May 18, 2026

Eid-ul-Fitr 2026: भारत में कब मनाई जाएगी ईद? चांद दिखने पर तय होगी तारीख, जानें रमजान से इसका संबंध

नई दिल्ली: Eid al-Fitr को लेकर मुस्लिम समुदाय में उत्साह बढ़ता जा रहा है। यह इस्लाम धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, जो एक महीने के रोजे, इबादत और आत्मसंयम के बाद मनाया जाता है। हर साल की तरह इस बार भी ईद की तारीख को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है, क्योंकि इसका निर्धारण चांद के दीदार पर निर्भर करता है।

इस बार कब मनाई जाएगी ईद

इस्लामी कैलेंडर के अनुसार Ramadan के बाद Shawwal महीने की शुरुआत होती है और इसी महीने का पहला दिन ईद-उल-फितर के रूप में मनाया जाता है।

यदि 19 मार्च की शाम को शव्वाल का चांद दिखाई देता है, तो भारत में ईद 20 मार्च को मनाई जाएगी। वहीं यदि उस दिन चांद नजर नहीं आता, तो रमजान के 30 रोजे पूरे होने के बाद 21 मार्च को ईद मनाई जाएगी।

भारत में चांद दिखने की आधिकारिक घोषणा स्थानीय चांद कमेटियों और धार्मिक संगठनों द्वारा की जाती है, जिसके बाद ही अंतिम तारीख तय होती है।

रमजान और ईद का संबंध

रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना होता है, जिसे इबादत, संयम और आध्यात्मिक साधना का समय माना जाता है। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोजा रखते हैं और अधिक समय नमाज, कुरान पाठ और दुआ में बिताते हैं।

रमजान समाप्त होने के बाद शव्वाल महीने की शुरुआत होती है और उसी का पहला दिन ईद-उल-फितर के रूप में मनाया जाता है। यह दिन रोजों की अवधि पूरी होने के बाद खुशी मनाने और अल्लाह का शुक्रिया अदा करने का प्रतीक माना जाता है।

ईद-उल-फितर का इतिहास

इस्लामी परंपरा के अनुसार ईद-उल-फितर की शुरुआत Muhammad के समय से मानी जाती है। माना जाता है कि 624 ईस्वी में Battle of Badr के बाद पहली बार ईद-उल-फितर मनाई गई थी

तब से यह पर्व हर साल पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। ईद का मूल संदेश आपसी प्रेम, भाईचारा, दया और आस्था से जुड़ा हुआ माना जाता है।