September 4, 2026

EOW की बड़ी कार्रवाई: पूर्व मुख्य अभियंता भागीरथी वर्मा पर 1.76 करोड़ के अवैध लाभ का आरोप, 1500 पन्नों का चालान पेश

रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता भागीरथी वर्मा के खिलाफ आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने विशेष न्यायालय रायपुर में करीब 1500 पन्नों का अभियोग-पत्र पेश किया है। जांच एजेंसी के अनुसार वर्ष 2019 से 2021-22 के बीच आरोपी को कथित तौर पर 1 करोड़ 68 लाख 52 हजार रुपये नकद और 7 लाख 77 हजार 582 रुपये की मूल्यवान सामग्री के रूप में अवैध लाभ मिला। इस तरह कुल कथित असम्यक लाभ 1 करोड़ 76 लाख 29 हजार 582 रुपये पाया गया है।

25 फीसदी कमीशन मांगने का आरोप

EOW के मुताबिक भागीरथी वर्मा ने वर्ष 2019 से 2023 तक मुख्य अभियंता के पद पर रहते हुए विभिन्न नगरीय निकायों में निविदा कार्य आवंटित कराने और बिलों का भुगतान कराने के एवज में कथित तौर पर 25 प्रतिशत अवैध कमीशन की मांग की।

शिकायतकर्ता राघवेन्द्र तिवारी की शिकायत के आधार पर EOW ने 15 जून 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 11 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।

आठ ठिकानों पर EOW ने मारा छापा

जांच के दौरान EOW ने रायपुर और बिलासपुर में छह तथा मध्यप्रदेश के उज्जैन में दो स्थानों समेत कुल आठ ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई में महत्वपूर्ण दस्तावेज, संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और अन्य सामग्री बरामद की गई।

WhatsApp चैट और बैंक ट्रांजेक्शन से मिले सुराग

जांच एजेंसी ने आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच हुई WhatsApp चैट, बैंक खातों, लेनदेन, दस्तावेजी एवं डिजिटल साक्ष्यों और गवाहों के बयान की जांच की। EOW के अनुसार आरोपी के निर्देश पर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर किए जाने के साक्ष्य भी मिले हैं।

जांच में अलग-अलग खातों में कुल 2.10 लाख रुपये के बैंक और डिजिटल ट्रांसफर से संबंधित साक्ष्य जुटाए गए हैं। इसके अलावा अन्य खातों में रकम भेजे जाने का भी अभिलेखों में उल्लेख है।

नकदी के साथ एसी, टाइल्स और जेवर लेने का आरोप

विवेचना के अनुसार वर्ष 2019 में आरोपी को 32.65 लाख रुपये नकद और 40,250 रुपये मूल्य की दो हीरे की अंगूठियां दिए जाने के साक्ष्य सामने आए। वर्ष 2019-20 में आरोपी के आवास के लिए करीब 3.39 लाख रुपये के टाइल्स और ग्रेनाइट उपलब्ध कराने की बात भी जांच में सामने आई।

EOW के अनुसार वर्ष 2020 में अलग-अलग माध्यमों से कुल 42.65 लाख रुपये कथित कमीशन के रूप में दिए जाने के साक्ष्य मिले हैं।

वहीं वर्ष 2021-22 में हाईमास्ट एलईडी लाइट से जुड़े कार्यों के एवज में पांच एसी और दो स्मार्ट फैन की कथित मांग किए जाने का आरोप है। जांच में करीब 1.72 लाख रुपये के पांच एसी, 15,850 रुपये के दो स्मार्ट फैन और करीब 1.40 लाख रुपये की एलईडी लाइट आरोपी के आवास पर पहुंचाए जाने की बात सामने आई है।

17 जून को हुई थी गिरफ्तारी

EOW ने जांच में संलिप्तता पाए जाने के बाद 17 जून 2026 को भागीरथी वर्मा को गिरफ्तार किया था। वह वर्तमान में केंद्रीय जेल रायपुर में निरुद्ध है।

जांच एजेंसी के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 11 के तहत अपराध प्रमाणित करने योग्य सामग्री मिली है। इसी आधार पर विशेष न्यायालय रायपुर में करीब 1500 पन्नों का अभियोग-पत्र पेश किया गया है।

अन्य पहलुओं की जांच जारी

EOW ने बताया कि कथित अवैध राशि आगे किन लोगों तक पहुंची, शिकायतकर्ता की फर्म के कार्य किन अधिकारियों या व्यक्तियों के माध्यम से स्वीकृत कराए गए और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है। इन बिंदुओं पर आगे की विवेचना की जा रही है।