राजनांदगांव। अटल आवास और हाउसिंग बोर्ड में मकान दिलाने का सपना दिखाकर लोगों से लाखों रुपये ठगने वाले एक शातिर आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुद को नगर निगम का कर्मचारी बताकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से पहचान होने का दावा करता था। जांच में सामने आया है कि उसने कई लोगों से कुल 8 लाख 17 हजार रुपये वसूले थे।
खुद को निगम कर्मचारी बताकर बनाया भरोसा
पुलिस के अनुसार बसंतपुर थाना क्षेत्र के एक प्रार्थी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि दिसंबर 2024 में वह अपने मित्र के साथ अटल आवास योजना के तहत मकान की जानकारी लेने पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात योगेश्वर पाण्डे उर्फ सोनू पाण्डे से हुई।
आरोपी ने खुद को नगर निगम राजनांदगांव का कर्मचारी बताते हुए दावा किया कि उसकी बड़े अधिकारियों और नेताओं तक सीधी पहुंच है तथा वह आसानी से मकान आवंटित करवा सकता है।
निर्माणाधीन मकान दिखाकर ऐंठे लाखों रुपये
विश्वास जीतने के लिए आरोपी लोगों को निर्माणाधीन मकान भी दिखाता था। इसके बाद फाइल आगे बढ़ाने और मकान आवंटन सुनिश्चित कराने के नाम पर उनसे रकम वसूलता रहा। धीरे-धीरे कई लोग उसके झांसे में आ गए और लाखों रुपये दे दिए।
मकान नहीं मिला तो खुली ठगी की पोल
काफी समय बीत जाने के बाद भी न तो किसी को मकान मिला और न ही जमा की गई रकम वापस हुई। इसके बाद पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
रायपुर से गिरफ्तार हुआ आरोपी
मामले की जांच के दौरान बसंतपुर पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर रायपुर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने लोगों से रकम लेने की बात स्वीकार की। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने जारी की चेतावनी
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी सरकारी योजना में लाभ दिलाने के नाम पर किसी व्यक्ति को बिना वैधानिक प्रक्रिया के पैसे न दें। यदि कोई व्यक्ति प्रभाव या पहुंच का दावा कर धन की मांग करता है तो उसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दें।





