कोरबा।
जिले में धान खरीदी व्यवस्था में सामने आ रही लगातार अनियमितताओं से परेशान एक और किसान ने जहर का सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया है। बीते 24 घंटे के भीतर यह दूसरी ऐसी घटना है, जिससे जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार हरदी बाजार थाना क्षेत्र के झांझ गांव निवासी 60 वर्षीय किसान बैसाखू मरकाम ने धान खरीदी से जुड़ी समस्याओं से तंग आकर हरदी बाजार तहसील कार्यालय के सामने कीटनाशक का सेवन कर लिया। जहर सेवन के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल हरदी बाजार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
बताया जा रहा है कि बैसाखू मरकाम लंबे समय से धान बिक्री में आ रही दिक्कतों का सामना कर रहे थे। टोकन, रकबा निर्धारण और अन्य प्रक्रियात्मक समस्याओं के चलते उनका धान नहीं बिक पा रहा था। लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने और समाधान न मिलने से वे मानसिक रूप से परेशान थे।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले हरदी बाजार क्षेत्र के कोरबी निवासी किसान सुमेर सिंह गोड़ ने भी धान बिक्री का टोकन नहीं मिलने से परेशान होकर कीटनाशक का सेवन किया था। उस मामले में कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने अस्पताल पहुंचकर किसान से मुलाकात की थी और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से जिले की धान खरीदी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। किसानों का कहना है कि ऑनलाइन टोकन प्रणाली, रकबा निर्धारण में खामियों और प्रशासनिक लापरवाही के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समय पर धान नहीं बिकने से आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।
इधर, बैसाखू मरकाम द्वारा आत्महत्या के प्रयास की सूचना मिलते ही राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी मामले की जांच में जुट गए हैं। वहीं परिजन और ग्रामीणों ने प्रशासन से धान खरीदी व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है।





