January 16, 2026

कांकेर में आदिवासी नेता जीवन ठाकुर के बाद बेटे नीरज ठाकुर की मौत, आदिवासी समाज में आक्रोश

कांकेर।
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में आदिवासी नेता जीवन ठाकुर के बाद अब उनके बेटे नीरज ठाकुर की मौत से आदिवासी समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। पिता और पुत्र की लगातार हुई मौतों ने पूरे मामले को संवेदनशील बना दिया है और प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

बताया जा रहा है कि वन अधिकार पट्टा से जुड़े एक मामले में जीवन ठाकुर, उनके बेटे नीरज ठाकुर सहित अन्य लोगों के खिलाफ चारामा थाना में अपराध दर्ज किया गया था। इस मामले में सभी की गिरफ्तारी 12 अक्टूबर 2025 को की गई थी।

जेल में बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान जीवन ठाकुर की मौत

आदिवासी नेता जीवन ठाकुर को 2 दिसंबर 2025 को कांकेर जेल से रायपुर जेल शिफ्ट किया गया था। इसके दो दिन बाद, 4 दिसंबर 2025 की सुबह उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
जीवन ठाकुर की मौत की खबर फैलते ही आदिवासी समाज और परिजनों में भारी रोष देखा गया। समाज के लोगों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।

जमानत पर रिहाई के बाद बेटे नीरज ठाकुर की भी मौत

इसी बीच, 12 दिसंबर 2025 को जीवन ठाकुर के बेटे नीरज ठाकुर को जमानत पर रिहा किया गया। जेल से बाहर आने के कुछ ही दिनों बाद नीरज की भी अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें इलाज के लिए रायपुर लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

आदिवासी संगठनों ने उठाए सवाल

पिता और पुत्र की लगातार हुई मौतों को लेकर आदिवासी संगठनों ने जेल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आदिवासी नेताओं का कहना है कि हिरासत में रखे गए लोगों की स्वास्थ्य और सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन की होती है

संगठनों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि लापरवाही सामने आती है तो दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।