बिलासपुर। बिलासपुर शहर के पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने महतारी वंदन योजना को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के प्रचार-प्रसार के बीच प्रदेश के लाखों बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग हितग्राहियों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन पिछले छह महीनों से लंबित है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व विधायक ने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण के नाम पर हर महीने एक हजार रुपये देने का प्रचार कर रही है, लेकिन दूसरी ओर बुजुर्गों को मिलने वाली 350 और 500 रुपये की पेंशन भी समय पर नहीं मिल रही है। उन्होंने इसे सरकार की संवेदनहीनता बताते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना के प्रचार में बुजुर्गों को भुला दिया गया है।
शैलेश पांडे ने आरोप लगाया कि पेंशन नहीं मिलने के कारण गरीब बुजुर्ग दवाइयों और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशान हैं। उनका दावा है कि कई बुजुर्ग बैंक और चॉइस सेंटर के लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें हर बार तकनीकी समस्या या बजट नहीं होने का हवाला देकर वापस लौटा दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के पास भी इस संबंध में कोई स्पष्ट जवाब नहीं है।
पूर्व विधायक ने सरकार पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन के बजट में हेराफेरी का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरकार ने अपनी चुनावी घोषणा महतारी वंदन योजना को पूरा करने के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन के बजट को दूसरी ओर मोड़ दिया है। उन्होंने इसे सरकार की वित्तीय और नीतिगत विफलता बताते हुए लंबित पेंशन का शीघ्र भुगतान करने की मांग की।
हालांकि, पूर्व विधायक शैलेश पांडे के इन आरोपों पर राज्य सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।





