दुर्ग |
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में 9 से 13 जनवरी तक आयोजित राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी को लेकर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह मिथ्या और सरकार को बदनाम करने की कोशिश बताया है।
मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि बालोद में राष्ट्रीय स्तर का जंबूरी आयोजन होना छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से टेंडर जारी कर पूरी पारदर्शिता के साथ की गई हैं।
उन्होंने कहा, “जेम पोर्टल कलेक्टर की अध्यक्षता में अपलोड होता है, ऐसे में इसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ या भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं है।”
‘बेवजह छत्तीसगढ़ की छवि खराब न करें’
शिक्षा मंत्री ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि देशभर से बच्चे इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने आ रहे हैं। ऐसे में बिना आधार के आरोप लगाकर छत्तीसगढ़ का मान और नाम खराब न किया जाए।
उन्होंने कहा, “सरकार से विपक्ष की दुश्मनी हो सकती है, लेकिन छत्तीसगढ़ का नाम खराब करना ठीक नहीं है।”
5 करोड़ का काम, सब कुछ नियमों के तहत
मंत्री यादव ने बताया कि करीब 5 करोड़ रुपये का पूरा काम जेम पोर्टल के जरिए किया जा रहा है। यदि बिना टेंडर के भुगतान होता या बिना प्रक्रिया के काम होता, तभी उसे भ्रष्टाचार कहा जा सकता था। लेकिन यहां सारी प्रक्रिया नियमानुसार हुई है।
उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि “विपक्ष लगातार मिथ्या आरोप लगा रहा है। भूपेश बघेल का फिलहाल कोई काम नहीं है, इसलिए विरोध करना ही उनका काम बन गया है।”
फिलहाल बालोद जंबूरी को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है, लेकिन सरकार का दावा है कि आयोजन पूरी पारदर्शिता और नियमों के तहत किया जा रहा है।





