May 15, 2026

गरियाबंद में अनोखी पहल: 43 डिग्री गर्मी में प्रगणकों को प्याज-टॉवेल और नींबू शरबत से मिली राहत

गरियाबंद (छत्तीसगढ़): भीषण गर्मी के बीच जनगणना कार्य से जुड़े प्रगणकों की सेहत का ख्याल रखते हुए प्रशासन ने एक सराहनीय पहल की है। गरियाबंद के देवभोग तहसील में 43 डिग्री तापमान में फील्ड प्रैक्टिकल पर निकलने से पहले तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने प्रगणकों को लू से बचाव के लिए प्याज और सफेद टॉवेल भेंट किए।

जनगणना 2027 से पहले 1 मई से 30 मई तक प्रस्तावित मकान सूचिकरण और डिजिटल डेटा कलेक्शन कार्यक्रम के तहत दूसरे चरण का फील्ड प्रैक्टिकल आयोजित किया गया। इस दौरान घोघर और लाटापारा गांव में 50-50 प्रगणकों को अभ्यास के लिए भेजा गया।

फील्ड में रवाना होने से पहले तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने जनगणना प्रभारी विजय कश्यप, मास्टर ट्रेनर सुशील अवस्थी और गिरीश चंद्र बेहेरा के साथ मिलकर लाटापारा में प्रगणकों को आवश्यक सामग्री वितरित की। साथ ही, उन्हें नाश्ता कराया गया और वापस लौटने पर डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए नींबू शरबत की भी व्यवस्था की गई।

इस पहल से प्रगणकों में उत्साह देखने को मिला। उन्होंने प्रशासन के इस प्रयास के लिए आभार जताया और दोगुने जोश के साथ कार्य करने की बात कही।

तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने कहा कि जनगणना अभियान जितना महत्वपूर्ण है, उससे जुड़े प्रत्येक कर्मी भी उतने ही अहम हैं। तेज गर्मी में काम के दौरान किसी की तबीयत न बिगड़े, इसके लिए यह छोटा सा प्रयास किया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मई महीने चलने वाले अभियान में भी प्रगणकों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

25 हजार अतिरिक्त भुगतान और तकनीकी अनिवार्यता

सरकारी गाइडलाइन के अनुसार, प्रगणकों को पूरे अभियान के लिए 25 हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रतिदिन 400 रुपये का मानदेय भी दिया जाएगा। इस बार पूरी प्रक्रिया मोबाइल आधारित और पेपरलेस होगी, जिसके लिए एंड्रॉयड 12 वर्जन अनिवार्य किया गया है।

हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों के कई प्रगणकों के पास यह वर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें नए मोबाइल खरीदने पड़ रहे हैं। वहीं, नियमों का पालन नहीं करने पर 1000 रुपये जुर्माना और दोष सिद्ध होने पर अधिकतम 3 साल तक की सजा का भी प्रावधान रखा गया है।