July 30, 2026

गरियाबंद न्यूज : सालभर से बिना परियोजना अधिकारी चल रहा महिला बाल विकास विभाग, 223 आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था प्रभावित

गरियाबंद। जिले के देवभोग विकासखंड में महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। 94 गांवों के 223 आंगनबाड़ी केंद्रों में 9,584 हितग्राहियों के लिए संचालित योजनाओं के बीच पिछले एक वर्ष से परियोजना अधिकारी का पद रिक्त पड़ा है। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के 9 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी लंबे समय से अटकी हुई है।

जनपद अध्यक्ष पद्मलया निधि ने आरोप लगाया है कि विभाग में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो रहा, बल्कि केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। उनका कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की कमी के कारण बच्चों, गर्भवती महिलाओं और हितग्राहियों को मिलने वाली सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।

जानकारी के अनुसार, देवभोग परियोजना का प्रभार पिछले छह माह से जिला परियोजना अधिकारी समीर सौरभ के पास है, जिन्हें रायपुर संचालनालय में सहायक संचालक की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। ऐसे में राजधानी से करीब 225 किलोमीटर दूर स्थित परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग और संचालन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। प्रशासनिक कार्यों का प्रभार एक सुपरवाइजर को सौंपा गया है, जबकि स्वयं सुपरवाइजरों के कई पद भी रिक्त हैं।

भर्ती प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है। देवभोग ब्लॉक में 15 से अधिक केंद्रों में कार्यकर्ता और सहायिका के पद खाली हैं। 9 पदों की नियुक्ति प्रक्रिया करीब एक वर्ष से लंबित है। बताया जा रहा है कि पूर्व में दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने के बाद प्रक्रिया और धीमी पड़ गई, जिससे कई केंद्रों में योजनाओं का संचालन प्रभावित हो रहा है।

जनपद अध्यक्ष ने बताया कि सहायिकाओं की कमी के कारण बच्चों को गर्म भोजन, गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार और आंगनबाड़ी गतिविधियों के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। कई जगहों पर या तो अतिरिक्त मजदूरों की मदद ली जा रही है या फिर सूखा राशन वितरित कर काम चलाया जा रहा है।

देवभोग क्षेत्र में सामाजिक भेदभाव की समस्या भी सामने आई है। कई केंद्रों में अनुसूचित जाति वर्ग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं कार्यरत हैं, लेकिन कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी छुआछूत जैसी मानसिकता के कारण योजनाओं के संचालन में बाधाएं आ रही हैं। इस मुद्दे को पहले मुख्यमंत्री के समक्ष भी उठाया जा चुका है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पांडेय ने बताया कि जिले की पांच परियोजनाओं में से दो में परियोजना अधिकारी के पद रिक्त हैं। रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। पद भरते ही भर्ती प्रक्रिया और योजनाओं के संचालन को सुचारु किया जाएगा।