March 4, 2026

गरियाबंद जिले में धान उठाव में कमी, अब तक केवल 56.45% ही परिवहन

गरियाबंद।
जिले में इस साल समर्थन मूल्य (MSP) पर कुल 50,65,726 क्विंटल धान खरीदी गई, लेकिन अब तक केवल 28,25,888 क्विंटल ही परिवहन हो सका है। इसका मतलब है कि जिले में अब तक केवल 56.45% धान का उठाव हो पाया है, जो पिछले दो वर्षों की तुलना में 15–20% कम है। प्रदेश के 33 जिलों में गरियाबंद इस मामले में 15वें नंबर पर है।

समिति की चिंता

  • फड़ो में धान की मात्रा बफर लिमिट से कई गुना अधिक होने से रखरखाव पर अतिरिक्त व्यय
  • धान के सुखने और वजन घटने का खतरा।
  • खरीदी केंद्रों की जिम्मेदारी बढ़ने से कमीशन में कटौती और कानूनी कार्रवाई का खतरा।

उठाव में देरी के दो प्रमुख कारण

मिलर्स की कम रुचि

  • जिले में कुल 57 राइस मिल हैं, जिनमें से केवल 45 मिलर्स के लिए डीओ जारी हो रहा है।
  • पिछले 1 माह में 21,17,650 क्विंटल का डीओ जारी, पर मिलर्स ने केवल 13,73,110 क्विंटल उठाव किया।
  • कुछ मिलर्स के पास दो साल पुराना स्टॉक भी मौजूद है।
  • एफसीआई में जगह की कमी और करोड़ों रुपए का बैंक गारंटी फंसा हुआ।

नेशनल हाईवे पर प्रतिबंध

  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उदंती-सीता नदी अभ्यारण्य इलाके में 5 फरवरी से मालवाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित
  • पहले रोजाना 150 ट्रक संग्रहण केंद्र कुंडेल पहुंचाते थे, अब संख्या आधी।
  • 90 में से केवल 31 खरीदी केंद्र प्रभावित।
  • 16,98,840 क्विंटल का टीओ जारी, केवल 13,74,000 क्विंटल उठाव हुआ।

दीवानमुड़ा में सबसे कम उठाव

  • इस केंद्र से अब तक केवल 39% धान उठाव
  • कुल खरीदी: 10,35,519 क्विंटल, परिवहन: 39,460 क्विंटल।
  • बफर लिमिट से कई गुना अधिक धान मौजूद, भौतिक सत्यापन पर सवाल।

अधिकारी क्या कह रहे हैं

  • मार्कफेड डीएमओ किशोर चंद्र: सभी केंद्रों के लिए पर्याप्त टीओ-डीओ जारी। सड़क प्रतिबंध और मिलर्स की संख्या कम होने से उठाव धीमा।
  • जिला खाद्य अधिकारी अरविंद दुबे: अधिकतम उठाव के लगातार प्रयास जारी। सभी खरीदी केंद्रों की भौतिक सत्यापन लगातार की जा रही है।