May 18, 2026

गरियाबंद में सरकारी आवास विवाद: कई अफसर नियमों की धज्जियां उड़ाकर कब्जा जमाए हुए

गरियाबंद जिले में हाउसिंग बोर्ड और अन्य विभागों के सरकारी आवासों में कई अफसर नियमों का उल्लंघन कर लंबे समय तक कब्जा बनाए हुए हैं। इसमें तबादला हो चुके अफसर भी आवास पर बने हुए हैं, जबकि पात्र अफसरों को आवास अलॉट नहीं किया गया।

एसडीएम आरएस सोरी का हाल:
अनुविभाग के वर्तमान एसडीएम आरएस सोरी छह महीने से पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस या लॉज में रहकर ड्यूटी निभा रहे हैं। मैनपुर एसडीएम का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बावजूद उन्हें आवास अलॉट नहीं हो सका।

पूर्व अफसरों का कब्जा:
निलंबित अपर कलेक्टर तुलसी दास मरकाम और अन्य उच्च अधिकारियों ने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में अपना कब्जा बनाए रखा है। देवभोग स्थित सरकारी आवास में दो साल से तत्कालीन बीएमओ का कब्जा है, जबकि उनका तबादला हो चुका है।

अवैध आवास प्रेम की सूची:
तात्कालिक एसडीएम तुलसी दास, पूर्व जनपद सीईओ, आरईएस एसडीओ आरके शर्मा, नायब तहसीलदार अजय देवांगन, लिपिक संतानु बांधे, नाजिर गौरांग बरिहा और स्वास्थ्य विभाग के पूर्व बीएमओ डॉक्टर सुनील रेड्डी जैसे अधिकारी नियमों की परवाह किए बिना कॉलोनी में बने हुए हैं।

हाउस रेंट और पात्रता की अनदेखी:
20 से अधिक ऐसे कर्मचारी हैं, जिन्हें हाउस रेंट की पात्रता नहीं है, लेकिन वे सरकारी आवास में रहते हैं। कुछ ने पति-पत्नी के नाम पर अलग-अलग आवास भी ले लिए हैं। कॉलोनी में आवास आबंटन का कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है।

अपर कलेक्टर की कार्रवाई:
अपर कलेक्टर पंकज डाहरे ने कहा कि एसडीएम को टीम गठित कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने कहा जाएगा। इसमें यह पता लगाया जाएगा कि कितने अफसरों ने तबादला होने के बावजूद आवास नहीं छोड़ा और कितने अपात्र कर्मी आवास पर कब्जा किए हुए हैं। जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी।