July 30, 2026

प्रशासन से निराश ग्रामीण ने खुद बनवा दिया पुल, 12 लाख खर्च कर स्टापडेम मोहल्ले की बदली तस्वीर

Gariaband News Update : गरियाबंद। मैनपुर तहसील मुख्यालय के स्टापडेम मोहल्ले के लोगों को वर्षों से बारिश के दिनों में जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता था। फुलझर नदी के उस पार बसे वार्ड क्रमांक-1 के करीब 30 से 35 परिवार हर वर्ष चार महीने तक जर्जर और लगभग 20 फीट गहरे स्टापडेम को पार करने के लिए मजबूर रहते थे। कई बार शासन-प्रशासन से पुल निर्माण की मांग के बावजूद समाधान नहीं मिलने पर एक ग्रामीण ने अपनी पहल से मिसाल पेश कर दी।

मोहल्ले के निवासी और मुर्गा व्यवसायी लोचन चक्रधारी ने अपने निजी खर्च से लगभग 10 से 12 लाख रुपये लगाकर नदी पर पुल का निर्माण करा दिया। पुल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और आगामी बारिश में इसका लाभ सीधे तौर पर मोहल्ले के लोगों को मिलेगा। इस पहल की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।

ग्रामीणों के अनुसार इस मार्ग से स्कूली बच्चे रोजाना जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचते हैं। वहीं किसी की तबीयत खराब होने या गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। वर्षों से जनपद पंचायत, एसडीएम कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय तक ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।

लोचन चक्रधारी ने बताया कि लोगों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने स्वयं पुल निर्माण का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने दुकानदारों से कर्ज लेकर राशि जुटाई और निर्माण कार्य शुरू कराया। उनका कहना है कि पुल के एप्रोच मार्ग पर अभी मुरमीकरण का कार्य शेष है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पुल निर्माण के दौरान तकनीकी मार्गदर्शन के लिए जनपद पंचायत के अधिकारियों से कई बार अनुरोध किया गया, लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे निर्माण कार्य में सहयोग नहीं मिल सका।

लोचन चक्रधारी के पुत्र डोलेश चक्रधारी और मोहल्ले के अन्य लोगों ने कहा कि यदि जिम्मेदार अधिकारी समय पर ध्यान देते तो ग्रामीणों को इस तरह निजी स्तर पर पुल बनाने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ तभी प्रभावी होता है, जब अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन करें।

क्षेत्र के लोगों ने लोचन चक्रधारी की इस पहल को जनहित का बड़ा कार्य बताते हुए उनकी प्रशंसा की है। साथ ही जिला प्रशासन से मांग की है कि उन्हें सार्वजनिक मंच पर सम्मानित किया जाए और पुल निर्माण के अधूरे कार्यों को शासन स्तर पर पूरा कराया जाए।