गरियाबंद, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले स्थित उदंती–सीतानदी टाइगर रिज़र्व में एक खास और रोमांचक मामला सामने आया है। लगभग 400 किलोमीटर की लंबी उड़ान भरकर एक गिद्ध महाराष्ट्र के ताडोबा अंधारी टाइगर रिज़र्व से छत्तीसगढ़ पहुंचा, जहां वन विभाग की टीम ने उसका सफल रेस्क्यू किया।
📡 GPS ट्रांसमीटर से सामने आया पूरा सफर
रेस्क्यू किए गए गिद्ध की पीठ पर माइक्रो ट्रांसमीटर और जीपीएस डिवाइस लगी हुई थी, जिसकी मदद से उसके पूरे उड़ान मार्ग का पता चला। जांच में सामने आया कि गिद्ध ने ताडोबा से उड़ान भरकर उदंती-सीतानदी क्षेत्र तक का सफर तय किया।
लंबी दूरी तय करने के बाद गिद्ध की हालत बिगड़ गई थी। प्रारंभिक जांच में डी-हाइड्रेशन या किसी बीमारी की आशंका जताई जा रही है।
🏥 वन विभाग की निगरानी में चल रहा इलाज
फिलहाल गिद्ध का इलाज जंगल सफारी परिसर में वन विभाग के डॉक्टर डॉ. जडिया और डॉ. ऋचा की निगरानी में किया जा रहा है। विशेषज्ञों की टीम उसकी सेहत पर लगातार नजर रखे हुए है।
वन विभाग के अनुसार, गिद्ध के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे उसके प्राकृतिक रहवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया जाएगा।
🌿 वन्यजीव संरक्षण की दिशा में अहम कदम
वन विभाग की इस पहल को वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जीपीएस ट्रैकिंग से न केवल पक्षियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, बल्कि उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य पर भी बेहतर निगरानी संभव हो रही है।





