गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। सोमवार को 9 नक्सलियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के लिए आत्मसमर्पण किया। सभी नक्सली रायपुर रेंज आईजी अमरेश मिश्रा के समक्ष गरियाबंद जिला मुख्यालय पहुंचे।
आत्मसमर्पण करने वालों में डीवीसी मेंबर बलदेव उर्फ वामनवट्टी और अंजू उर्फ कविता भी शामिल हैं, जिन पर शासन द्वारा 8-8 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
🔫 हथियारों के साथ किया सरेंडर
पुलिस द्वारा जारी विवरण के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं।
- बलदेव उर्फ वामनवट्टी उर्फ बलदेव मासा (35) – डीवीसीएम, सीनापाली एरिया में सक्रिय, एसएलआर के साथ सरेंडर
- अंजू उर्फ कविता – इंसास राइफल के साथ आत्मसमर्पण
- सरुपा
- रतना
- गोविंदा उर्फ रंजिता
- सोनी उर्फ बुधरी
- उर्षा
- नविता
- डमरु
सभी नक्सलियों ने हथियारों सहित आत्मसमर्पण किया है।
❤️ परिजनों की अपील बनी वजह
दो दिन पहले आत्मसमर्पण करने वाले कुछ नक्सलियों के परिजनों और पूर्व नक्सलियों ने भावुक अपील की थी।
बताया जा रहा है कि ऊषा उर्फ संगीता और बलदेव उर्फ बामन के परिजनों ने तेलुगु और गोंडी भाषा में वीडियो संदेश जारी किया था।
वीडियो में ऊषा के भाई आबूला गंगैया ने हाथ जोड़कर बहन से वापस लौटने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि घर का आंगन सूना है और मां की ममता उसे पुकार रही है। परिवार को डर था कि अगर देर हुई तो फिर कभी मुलाकात नहीं हो पाएगी।
इसी अपील का असर माना जा रहा है कि नक्सलियों ने हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
🛡️ लगातार सफल हो रही पुनर्वास नीति
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार दबाव और संवाद से युवा भटके रास्ते छोड़कर सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को शासन की नीति के तहत सुरक्षा, पुनर्वास और रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।





