गरियाबंद, 08 फरवरी 2026 – राजिम कुंभ कल्प मेला में जल संसाधन विभाग का स्टॉल दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। खासकर पैरी नदी उद्गम और प्रस्तावित राजिम बैराज का कार्यशील मॉडल लोगों को अपनी ओर खींच रहा है।
स्टॉल पर दिनभर दर्शनार्थियों की भीड़ लगी रही। पैरी नदी के उद्गम स्थल भाटीगढ़ को मॉडल के माध्यम से दर्शाया गया है। बताया गया कि भाटीगढ़ से निकलने वाली पैरी नदी का पानी सिकासेर बांध, उसके बाद कुकदा डेम होते हुए राजिम तक प्रवाहित होता है। स्टॉल में उपस्थित टाइमकीपर सिद्धार्थ कुमार देवांगन ने बताया कि यह जल गरियाबंद, छुरा और राजिम क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल और अन्य आवश्यकताओं के लिए उपयोग होता है।
95 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से प्रस्तावित राजिम बैराज
स्टॉल में राजिम बैराज का मॉडल भी प्रदर्शित किया गया है। जानकारी के अनुसार बैराज की कुल लंबाई लगभग 500 मीटर और ऊंचाई 5 मीटर प्रस्तावित है। इसके निर्माण से राजिम और नवापारा क्षेत्र में जल संकट समाप्त होगा, सालभर जलभराव रहेगा और नौकाविहार, वाटर स्पोर्ट्स और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
धार्मिक और पर्यटन स्थलों के मॉडल
जल संसाधन विभाग द्वारा प्रस्तुत मॉडल में राजीव लोचन मंदिर, लक्ष्मण झूला, गंगा आरती घाट, राजिम मेला स्थल, पैरी नदी, कालेश्वर नाथ मंदिर, नवागांव एनीकट और लोमश ऋषि आश्रम भी दर्शाए गए हैं। इसके अलावा पैरी नदी सिंचाई परियोजना, सिकासेर जलाशय और पैरी-घुमर व्यपवर्तन परियोजना सहित जिले की विभिन्न सिंचाई योजनाओं के मॉडल भी प्रदर्शित किए गए हैं।
कुंभ कल्प मेला में जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए विभागीय स्टॉल दर्शकों और हितग्राहियों के लिए जानकारी का केंद्र बने हुए हैं।




