July 23, 2026

बिजली की मांग को लेकर ग्रामीणों ने खून से लिखा PM मोदी को पत्र, 48 गांवों के लोगों की भावुक अपील

गरियाबंद। जिले के राजा पड़ाव क्षेत्र में बिजली की मांग को लेकर ग्रामीणों ने अनोखा और भावनात्मक कदम उठाया। वर्षों से विद्युत सुविधा से वंचित 48 गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के नाम पत्र लिखकर क्षेत्र में बिजली उपलब्ध कराने की मांग की।

500 से अधिक ग्रामीण हुए शामिल

ग्राम पंचायत कोकड़ी, गरहाडीह, गौरगांव, भूतबेड़ा, कुचेंगा समेत आठ पंचायतों के लगभग 500 ग्रामीण अड़गड़ी गौठान में एकत्र हुए। जय अंबेडकरवादी युवा संगठन और किसान संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों ने खून से पोस्टकार्ड लिखकर अपनी समस्या दर्ज कराई।

बिजली नहीं होने से शिक्षा और स्वास्थ्य प्रभावित

ग्रामीणों ने पत्र में लिखा कि बिजली के अभाव में बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सुविधाएं और आजीविका प्रभावित हो रही है। आधुनिक दौर में भी क्षेत्र के लोग अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं।

NTCA की अनुमति का हवाला

जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने बताया कि प्रशासन ने ग्रामीणों को जानकारी दी है कि क्षेत्र अभ्यारण्य के दायरे में आता है, इसलिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की अनुमति के बिना विद्युतीकरण संभव नहीं है। अंतिम निर्णय केंद्र स्तर पर होना है।

6 महीने का वादा भी पूरा नहीं हुआ

ग्रामीणों का आरोप है कि जनवरी 2026 में प्रशासन ने छह माह के भीतर विद्युतीकरण का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

सिंगल यूज सिरिंज से निकाला खून

ग्रामीणों ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए अलग-अलग सिंगल यूज सिरिंज से खून निकाला और उसी से पोस्टकार्ड पर अपनी पीड़ा लिखी। उनका कहना है कि वर्षों से ज्ञापन, धरना और पत्राचार के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।

500 से ज्यादा पत्र होंगे स्पीड पोस्ट

कार्यक्रम में लिखे गए 500 से अधिक पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय और NTCA को स्पीड पोस्ट के जरिए भेजे जाएंगे। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी यह भावनात्मक अपील सरकार का ध्यान आकर्षित करेगी और क्षेत्र में बिजली की समस्या का समाधान होगा।