March 4, 2026

गरियाबंद में माओवादियों का हथियारों का जखीरा बरामद, नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता

थाना मैनपुर अंतर्गत ओडिशा सीमा से लगे ग्राम भालूडिग्गी और मेटाल की पहाड़ियों में माओवादियों द्वारा छुपाए गए हथियारों का बड़ा जखीरा जिला पुलिस बल की ई-30 ऑप्स टीम ने बरामद किया। यह कार्रवाई नक्सल उन्मूलन अभियान “ऑपरेशन विराट” के तहत महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।

पुलिस ने बताया कि जनवरी 2026 में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे माओवादियों से गहन पूछताछ में पता चला कि प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) की ओडिशा राज्य कमेटी ने पहाड़ी क्षेत्रों में ऑटोमेटिक हथियार, गोला-बारूद और हथियार निर्माण उपकरण डम्प कर रखे थे।

6 फरवरी को शुरू हुए 36 घंटे लंबे सघन सर्च ऑपरेशन में टीम ने 6 अलग-अलग स्थानों से हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की। इसमें इंसास और .303 राइफल, 12 बोर हथियार, बीजीएल लॉन्चर, जिंदा राउंड, मैगजीन, विस्फोटक डेटोनेटर और तकनीकी उपकरण शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार यह तकनीकी टीम मारे गए तीन केंद्रीय कमेटी सदस्यों—चलपति, मनोज और गणेश उईके—की निगरानी में काम करती थी। यह टीम IED, देशी हथियारों और ऑटोमेटिक हथियारों की मरम्मत में सक्रिय थी।

विगत डेढ़ वर्षों में ऑपरेशन विराट के तहत धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजन के सभी सक्रिय माओवादी आत्मसमर्पण या निष्क्रिय किए जा चुके हैं। इस ताज़ा बरामदगी के साथ ही गरियाबंद क्षेत्र में नक्सली हिंसा की संभावनाएं लगभग समाप्त मानी जा रही हैं।

पुलिस अधिकारी का बयान:
डीआरजी टीम ने बीजीएल और 8 एमएम रायफल, बीजीएल ग्रेनेड, कारतूस, गन पाउडर और अन्य सामग्री जब्त की। सभी सामग्री को विधिवत जप्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि इस कार्रवाई से माओवादियों को बड़ा झटका लगा है और अभियान सख्ती से जारी रहेगा।

वर्ष 2025-26 में जब्त सामग्री:

  • कुल हथियार: 57
  • ग्रेडेड ऑटोमेटिक हथियार: 28
  • अन्य हथियार: 29
  • कुल कारतूस: 300
  • कुल मैगजीन: 21
  • इलेक्ट्रिक डेटोनेटर: 240
  • नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर: 17
  • IED बम: 07
  • कार्डेक्स वायर: लगभग 100 मीटर

इस कार्रवाई को गरियाबंद पुलिस और संयुक्त सुरक्षा बलों की रणनीतिक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को मजबूती मिली है।