September 4, 2026

गरियाबंद में कोर्ट की बड़ी कार्रवाई, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त की चल संपत्ति कुर्क करने वारंट जारी; 13.14 लाख की वसूली का आदेश

गरियाबंद। एक साल पुराने मोटर दुर्घटना दावा मामले में अपर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण गरियाबंद ने बकाया क्षतिपूर्ति राशि की वसूली के लिए सख्त आदेश जारी किया है। कोर्ट ने आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त की चल संपत्ति कुर्क करने के लिए कुर्की वारंट जारी किया था। आदेश के बाद अमला कार्यालय पहुंचा और कार्रवाई शुरू की। कोर्ट की कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन ने अब दो दिन के भीतर पीड़ित परिवार को दावा राशि का भुगतान करने पर सहमति जताई है।

सरकारी वाहन की टक्कर से हुई थी 56 वर्षीय व्यक्ति की मौत

पीड़िता के अधिवक्ता प्रशांत मानिकपुरी के अनुसार, 22 नवंबर 2021 को तत्कालीन आदिवासी सहायक आयुक्त बद्रीनाथ सुखदेव की मौजूदगी में विभाग की सरकारी सुमो क्रमांक CG-02-G-5316 ने गरियाबंद जनपद के सामने सड़क पर खड़े 56 वर्षीय मेंहत्तर ध्रुव को टक्कर मार दी थी। हादसे में उनकी मौत हो गई थी।

घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने वाहन चालक सत्येंद्र कुमार गंगा सागर के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। वर्ष 2022 में मृतक की पत्नी पार्वती ध्रुव ने क्षतिपूर्ति राशि के लिए अपर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में दावा प्रस्तुत किया था।

9.71 लाख की डिक्री, ब्याज सहित अब 13.14 लाख की वसूली

जानकारी के अनुसार, प्रकरण क्रमांक 06/2022 में न्यायालय ने 9 अगस्त 2024 को डिक्री पारित की थी। डिक्री के तहत अनावेदक को आवेदकगण को 9 लाख 71 हजार 312 रुपये का भुगतान करना था।

निर्धारित समय सीमा में राशि का भुगतान नहीं होने पर आवेदक की ओर से निष्पादन आवेदन प्रस्तुत किया गया। अब कोर्ट के आदेश के अनुसार मूल राशि के साथ ब्याज और वाद व्यय जोड़कर कुल 13 लाख 14 हजार 564 रुपये की वसूली की जाएगी।

इसमें 3 लाख 42 हजार 387 रुपये ब्याज और 1,045 रुपये वाद व्यय शामिल हैं।

चल संपत्ति कुर्क करने जारी हुआ वारंट

अपर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के न्यायाधीश ने सिविल प्रक्रिया संहिता 1908 के आदेश 21 नियम 30 के तहत कुर्की वारंट जारी किया है। वारंट के तहत बेलिफ को अनावेदकगण की चल संपत्ति कुर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जब तक पूरी बकाया राशि की वसूली नहीं हो जाती, तब तक कुर्की की कार्रवाई जारी रहेगी। न्यायालय ने बेलिफ से 13 अगस्त 2026 तक तामीली रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा है।

कोर्ट की कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन अब पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द राशि का भुगतान करने की तैयारी में है। प्रशासन ने दो दिन के भीतर दावा राशि का भुगतान करने पर सहमति जताई है।