January 16, 2026

गरियाबंद में ओपेरा की आड़ में अश्लील डांस, SDM की मौजूदगी पर सवाल

गरियाबंद:
देवभोग थाना क्षेत्र के ग्राम उरमाल में आयोजित छह दिवसीय ओपेरा कार्यक्रम अब विवादों में घिर गया है। मनोरंजन के नाम पर ली गई अनुमति के बाद अश्लील डांस कराए जाने और इस दौरान एसडीएम की मौजूदगी सामने आने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, उरमाल के कुछ युवकों की समिति ने मैनपुर एसडीएम तुलसी दास मरकाम से ओपेरा आयोजन की अनुमति ली थी। लेकिन आयोजन के तीसरे दिन (7 जनवरी) से कार्यक्रम में खुलेआम अश्लीलता परोसी जाने लगी। इसके लिए ओडिशा की बार डांसरों को बुलाया गया, जिन्होंने अश्लील अंदाज में प्रचार वीडियो भी जारी किए।

रात 11 से 3 बजे तक चला अश्लील डांस

8 जनवरी से कार्यक्रम में भारी भीड़ जुटने लगी। 9 जनवरी को स्थिति तब और गंभीर हो गई जब एसडीएम स्वयं आयोजन स्थल पहुंचे। आयोजकों ने उनके लिए आगे की सीट आरक्षित रखी थी।
रात 11 बजे से तड़के 3 बजे तक अर्धनग्न डांसर मंच पर प्रस्तुति देती रहीं। पंडाल के भीतर भीड़ बेकाबू रही, जहां अफसर, पुलिसकर्मी और जनप्रतिनिधि खुलेआम डांस पर पैसे लुटाते नजर आए।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में

10 जनवरी को आयोजन से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
देवभोग थाना प्रभारी फैजुल शाह के अनुसार, वायरल वीडियो और लिखित शिकायत के आधार पर आयोजक देवेंद्र राजपूत, गोविंद देवांगन, नरेंद्र साहू और हसन डाडा के खिलाफ बीएनएस की धारा 296 (3)(5) के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
इसके साथ ही दो पुलिस कर्मियों को लाइन अटैच किया गया और निर्धारित समय से एक दिन पहले ही आयोजन बंद करवा दिया गया।

एसडीएम पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं

हालांकि, सवाल यह है कि आयोजन की अनुमति देने वाले और स्वयं कार्यक्रम में मौजूद रहे एसडीएम के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। वीडियो कलेक्टर तक पहुंचने के बावजूद जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इससे मौन सहमति के आरोप लग रहे हैं।

प्रशासनिक कसावट पर सवाल

यह मामला जिले में हाल के महीनों से सामने आ रही प्रशासनिक ढिलाई की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि:

  • राजस्व विभाग के अफसरों पर खुलेआम धान पार कराने के आरोप लगे हैं
  • खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था बनी हुई है
  • तीन दिनों में डीईओ का दो बार पुतला दहन हो चुका है

इन घटनाओं ने जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।