September 4, 2026

गरियाबंद में 3 साल की बच्ची से दुष्कर्म मामले में बड़ा फैसला, आरोपी को उम्रकैद और 25 हजार रुपए जुर्माना

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के छुरा क्षेत्र में करीब तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म और मारपीट के मामले में फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पॉक्सो) ने बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश गंगा पटेल की अदालत ने आरोपी वेदप्रकाश ध्रुव उर्फ पप्पू (25) को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

बच्ची को बहाने से घर ले गया था आरोपी

मामला 25 जून 2025 का है। विशेष लोक अभियोजक हरि नारायण त्रिवेदी के अनुसार, करीब तीन वर्ष चार माह की बच्ची आंगनबाड़ी में पढ़ती थी। घटना के दिन दोपहर में वह घर के सामने अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान आरोपी उसे अपने साथ घर ले गया।

परिजनों को जानकारी मिलने के बाद वे तत्काल आरोपी के घर पहुंचे। आरोप है कि आरोपी ने पूजा कमरे का दरवाजा बंद कर बच्ची के साथ मारपीट की और उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत के बाद छुरा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

11 गवाहों के बयान और चिकित्सकीय साक्ष्य पेश

विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 गवाहों के बयान कराए गए। पीड़िता और गवाहों के कथनों के अलावा घटनास्थल से मिले साक्ष्य तथा चिकित्सकीय रिपोर्ट भी अदालत के सामने रखी गई।

अलग-अलग धाराओं में सुनाई सजा

अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी माना। कोर्ट ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अलग-अलग सजा सुनाई।

  • धारा 65(2) — आजीवन कारावास और 15 हजार रुपए अर्थदंड
  • धारा 64(2) — 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड
  • धारा 109 — 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 3 हजार रुपए अर्थदंड
  • धारा 115(2) — 1 वर्ष का सश्रम कारावास और 2 हजार रुपए अर्थदंड

अदालत ने अपराध की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए आरोपी को कठोर सजा दी है।