September 4, 2026

गौतम अडानी को अमेरिका से बड़ी राहत, अमेरिकी कोर्ट ने आपराधिक केस किया खारिज; बोले- न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा कायम रहा

नई दिल्ली। उद्योगपति और अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी को अमेरिका से बड़ी कानूनी राहत मिली है। अमेरिका की संघीय अदालत ने गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले को खारिज कर दिया है। अदालत का यह फैसला अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से मामले को आगे नहीं बढ़ाने के अनुरोध के बाद आया है।

अमेरिकी अदालत ने आपराधिक अभियोग को “with prejudice” खारिज किया है, यानी इसी अभियोग को दोबारा उसी रूप में आगे बढ़ाने की गुंजाइश नहीं रहती। यह मामला नवंबर 2024 में सामने आया था और इसमें अडानी तथा अन्य आरोपियों पर सोलर पावर कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए कथित रिश्वतखोरी और अमेरिकी निवेशकों को कथित रूप से गुमराह करने के आरोप लगाए गए थे।

अडानी ने फैसले का किया स्वागत

अमेरिकी अदालत के फैसले के बाद गौतम अडानी ने न्यायिक प्रक्रिया के प्रति सम्मान जताते हुए इसे स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि मुश्किल दौर के बावजूद न्याय व्यवस्था, निष्पक्षता और कानून के शासन में उनका विश्वास कायम रहा।

अडानी ने उन लोगों का भी आभार जताया, जिन्होंने इस पूरे मामले के दौरान उनके समूह, कानूनी प्रक्रिया और भारत की न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखा।

क्या था पूरा मामला?

अमेरिका में नवंबर 2024 में गौतम अडानी, सागर अडानी और अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। अमेरिकी अभियोजन पक्ष का आरोप था कि अडानी समूह से जुड़े लोगों ने भारत में सोलर पावर कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए करीब 265 मिलियन डॉलर की कथित रिश्वत योजना से जुड़े अपराध किए और अमेरिकी निवेशकों को इस संबंध में कथित तौर पर गुमराह किया।

बाद में अमेरिकी न्याय विभाग ने मामले में आगे संसाधन खर्च नहीं करने का फैसला लेते हुए अभियोग खारिज करने का अनुरोध किया था। अदालत ने प्रक्रिया के तहत सरकार के अनुरोध की समीक्षा की और अब आपराधिक मामला खारिज कर दिया गया है।

क्रिमिनल केस खारिज, लेकिन अलग सिविल मामला रहा

इस घटनाक्रम को लेकर एक महत्वपूर्ण अंतर यह है कि अमेरिकी अदालत का ताजा फैसला आपराधिक मामले से संबंधित है। इससे अलग अमेरिकी Securities and Exchange Commission (SEC) का सिविल मामला भी था। मई 2026 में गौतम अडानी और सागर अडानी ने उस मामले में अंतिम निर्णय के लिए सहमति जताई थी, जिसमें क्रमशः 6 मिलियन डॉलर और 12 मिलियन डॉलर के सिविल पेनल्टी का प्रावधान था।

इसलिए अमेरिकी आपराधिक मामले के खारिज होने को सभी कानूनी मामलों से पूरी तरह मुक्ति के रूप में देखना सही नहीं होगा।

अडानी ग्रुप के लिए बड़ी कानूनी राहत

अमेरिकी आपराधिक मामला खारिज होने से अडानी ग्रुप को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है। मामले के बंद होने से समूह की वैश्विक कारोबारी गतिविधियों और निवेशकों के बीच धारणा पर भी इसका असर पड़ सकता है। हालांकि, मामले से जुड़े अलग-अलग सिविल और नियामकीय पहलुओं की स्थिति को अलग-अलग देखना जरूरी होगा।