January 16, 2026

सुशासन का असर जमीन पर दिखना चाहिए, अनियमितता बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 समारोह में अधिकारियों को सख्त संदेश, ई-प्रगति पोर्टल का शुभारंभ

नवा रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सुशासन केवल फाइलों, नियमों या भाषणों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका प्रत्यक्ष प्रभाव आम नागरिकों के जीवन और प्रशासनिक कार्यशैली में स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। वे नवा रायपुर में आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने सरकारी खरीदी, निर्माण कार्यों और विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि किसी भी स्तर पर अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि GeM सहित सभी सरकारी प्लेटफॉर्म पर ईमानदारी और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए, अन्यथा सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

ई-प्रगति पोर्टल का शुभारंभ

कार्यक्रम के दौरान सुशासन और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 5 विभागों और 5 जिलों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने ई-प्रगति पोर्टल का औपचारिक शुभारंभ भी किया।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि ई-प्रगति पोर्टल के माध्यम से अब प्रदेश में 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले सभी निर्माण कार्यों की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाएगी। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर परियोजनाओं की स्वीकृति, बजट आवंटन, मजदूरी भुगतान, एमआईएस और निर्माण की प्रगति से जुड़ी जानकारी रियल-टाइम में उपलब्ध रहेगी।

निर्माण कार्यों में बढ़ेगी पारदर्शिता

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और देरी, लापरवाही व गड़बड़ियों पर समय रहते कार्रवाई संभव हो सकेगी। उन्होंने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता यह है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक बुनियादी सेवाएं बिना भटकाव के पहुंचें।

उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर संचालित अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को अब आधार, पेंशन, बैंकिंग सेवाएं तथा बिजली-पानी के बिल भुगतान जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं।

योजनाओं की नियमित समीक्षा के निर्देश

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी कलेक्टरों, सचिवों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए और सरकारी संसाधनों के उपयोग में पूरी पारदर्शिता व जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए।