September 4, 2026

निजी विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता पर राज्यपाल रमेन डेका सख्त, NAAC ग्रेडिंग से लेकर शोध और रोजगारपरक शिक्षा पर दिए निर्देश

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक लेकर विश्वविद्यालयों में शिक्षा एवं शोध की गुणवत्ता सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों को NAAC में बेहतर ग्रेडिंग हासिल करने के लिए आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों और शिक्षकों का अनुपात संतुलित होना चाहिए और छात्र संख्या बढ़ाने की दिशा में भी प्रयास किए जाएं। उन्होंने प्रत्येक विश्वविद्यालय में कम से कम 1000 विद्यार्थियों की संख्या सुनिश्चित करने की दिशा में काम करने पर जोर दिया।

शोध की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर

राज्यपाल डेका ने कहा कि पीएचडी उपाधि प्रदान करने की प्रक्रिया पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी होनी चाहिए। पीएचडी के लिए होने वाले पंजीयनों की विशेषज्ञों के माध्यम से रैंडम चेकिंग कराई जाएगी, ताकि शोध कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों का उद्देश्य केवल उपाधियां प्रदान करना नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसे शोध को बढ़ावा देना चाहिए, जिनका समाज और देश के विकास में वास्तविक योगदान हो।

रोजगार और भविष्य की संभावनाओं वाले पाठ्यक्रमों पर फोकस

राज्यपाल ने नए पाठ्यक्रम शुरू करने से पहले संबंधित क्षेत्र में सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए। विश्वविद्यालयों को यह आकलन करने को कहा गया कि किसी पाठ्यक्रम की वास्तविक आवश्यकता क्या है और उसमें विद्यार्थियों की कितनी रुचि है।

उन्होंने कहा कि जिन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार कम है, उन्हें बंद करने पर विचार किया जाए। अनावश्यक रूप से पाठ्यक्रमों की संख्या बढ़ाने के बजाय रोजगार और भविष्य की संभावनाओं वाले विषयों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

इंटीग्रेटेड कोर्स और नए क्षेत्रों को बढ़ावा

डेका ने एनवायरनमेंटल साइंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में नए पाठ्यक्रम शुरू करने की संभावनाओं पर विचार करने को कहा। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप इंटीग्रेटेड कोर्स को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

गांवों को गोद लेकर सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं विश्वविद्यालय

राज्यपाल ने निजी विश्वविद्यालयों को आसपास के गांवों को गोद लेकर वहां शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नियमित कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को अपने सामाजिक दायित्वों को प्रभावी ढंग से निभाना चाहिए।

गोद लिए गए गांवों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के साथ ब्रेस्ट कैंसर सर्वे जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी विश्वविद्यालयों को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा गया।

विद्यार्थियों की सेहत के लिए योग और ध्यान जरूरी

राज्यपाल ने विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग एवं ध्यान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को प्रत्येक विद्यार्थी तक योग पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। विद्यार्थियों को इस तरह प्रेरित किया जाए कि योग उनकी दैनिक जीवनशैली और आदत का हिस्सा बन सके।

छत्तीसगढ़ी भाषा पर शोध को मिले बढ़ावा

डेका ने छत्तीसगढ़ी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए विश्वविद्यालयों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा से जुड़े विषयों पर शोध और अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर विश्वविद्यालय भाषा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

फार्मेसी पाठ्यक्रम की गुणवत्ता की होगी निगरानी

राज्यपाल ने फार्मेसी पाठ्यक्रम को लेकर भी विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फार्मेसी सीधे मानव स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए जिन विश्वविद्यालयों में यह पाठ्यक्रम संचालित हो रहा है, वहां विद्यार्थियों के बेहतर व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ टाई-अप किया जाए।

उन्होंने फार्मेसी पाठ्यक्रम की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

नशा मुक्ति अभियान में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाएं

डेका ने विश्वविद्यालयों से नशा मुक्ति अभियान में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और उन्हें नशे से दूर रखने में विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

रोजगारपरक शिक्षा और सामाजिक सरोकारों में हो बेहतर समन्वय

राज्यपाल ने निजी विश्वविद्यालयों से शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, रोजगारपरक शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के साथ-साथ समाज के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सीआर प्रसन्ना, उच्च शिक्षा सचिव अविनाश चंपावत, निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष वीके गोयल सहित विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित रहे।