July 29, 2026

रेत के अवैध उत्खनन पर राज्यपाल सख्त, वैज्ञानिक खनन और IIT सर्वे के दिए निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने प्रदेश की नदियों और बड़े नालों में हो रहे अवैध एवं अनियंत्रित रेत उत्खनन पर गहरी चिंता जताते हुए खनिज विभाग को तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रेत विकास और आधारभूत संरचना निर्माण के लिए आवश्यक खनिज है, लेकिन इसके अंधाधुंध दोहन से पर्यावरण और जल संसाधनों को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।

लोक भवन में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में राज्यपाल ने खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद के साथ रेत खनन की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में रेत खनन वैज्ञानिक, सुनियोजित और व्यवस्थित तरीके से किया जाए, ताकि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बना रहे।

भू-जल स्तर और नदियों पर पड़ रहा असर

राज्यपाल ने कहा कि अवैध और बेतरतीब खनन के कारण नदियों का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित हो रहा है। अत्यधिक खुदाई से नदी की जलधारण क्षमता कम हो रही है, जिससे भू-जल स्तर पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। साथ ही नदी तटों का कटाव बढ़ रहा है, पारंपरिक जलस्रोत सूख रहे हैं और जलीय जैव विविधता पर खतरा मंडरा रहा है।

उन्होंने कहा कि नदियों और बड़े नालों की जल क्षमता बनाए रखने तथा भू-जल संरक्षण के लिए दीर्घकालिक और प्रभावी रणनीति अपनाना आवश्यक है।

IIT जैसे संस्थानों से होगा वैज्ञानिक अध्ययन

भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने रेत खनन से प्रभावित क्षेत्रों का वैज्ञानिक सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सुझाव दिया कि खनन के तकनीकी आकलन और अध्ययन के लिए Indian Institute of Technology जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग लिया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति का वैज्ञानिक विश्लेषण हो सके।

अवैध खनन और परिवहन पर 24 घंटे निगरानी

राज्यपाल ने खनिज विभाग को निर्देशित किया कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खनन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाया जाना चाहिए।

राज्यपाल के निर्देशों के बाद अब प्रदेश में अवैध रेत खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई और वैज्ञानिक खनन व्यवस्था लागू किए जाने की उम्मीद बढ़ गई है।