गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। गंभीर लापरवाही और दो महिला मरीजों की मौत के मामले में प्रशासन ने सेमरा (गौरेला रोड) स्थित डी.डी. हॉस्पिटल पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल को तत्काल सील कर दिया है। साथ ही अस्पताल का पंजीयन (लाइसेंस) भी अस्थायी और सशर्त रूप से निलंबित कर दिया गया है।
जांच के अनुसार, जिला अस्पताल से रेफर की गई मरीज ज्योति सोनवानी को बीच रास्ते में निजी अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक कथित लापरवाही से इलाज किया गया। हालत बिगड़ने पर उसे सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई। वहीं गंभीर एक्लैम्पसिया और एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिला लीलावती का भी अस्पताल में उपचार के दौरान हालत बिगड़ने के बाद निधन हो गया।
प्रशासनिक जांच में अस्पताल में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों के बावजूद डॉक्टर और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ मौजूद नहीं मिले। स्त्री रोग विशेषज्ञ और एनेस्थेटिस्ट के बिना ही ऑपरेशन किए जाने तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं के अभाव का भी खुलासा हुआ।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब को असंतोषजनक पाए जाने के बाद कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह एवं रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम, 2010 के तहत अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू और वार्ड को सील करने के आदेश जारी किए हैं। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।





