गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिला अस्पताल जीपीएम में सर्पदंश की शिकार 45 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका की पहचान लालपुर निवासी उर्मिला बाई के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया, जबकि अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को निराधार बताया है।
जानकारी के मुताबिक, उर्मिला बाई को देर रात घर में किसी जहरीले सांप ने काट लिया था। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान सुबह उनकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने डॉक्टरों पर समय पर उचित इलाज नहीं देने का आरोप लगाया।
मृतका के पति का कहना है कि सांप काटने के करीब आधे घंटे के भीतर मरीज को अस्पताल पहुंचा दिया गया था, लेकिन पर्ची और अन्य औपचारिकताओं में समय बर्बाद किया गया। उनका आरोप है कि जरूरी एंटी-स्नेक वेनम (ASV) इंजेक्शन समय पर नहीं लगाया गया, जिससे महिला की जान चली गई।
वहीं मृतका के रिश्तेदार बृजलाल राठौर ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कलेक्टर और एसडीएम को आवेदन सौंपा है। उन्होंने डॉक्टरों की टीम से पोस्टमार्टम और बिसरा जांच कराने की मांग की है ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके।
इधर जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मार्को ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मरीज को अस्पताल लाने के तुरंत बाद उपचार शुरू कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि महिला को कुल 20 वायल एंटी-स्नेक वेनम दिए गए थे। पहले चरण में 10 वायल और बाद में स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त 10 वायल लगाए गए।
डॉ. मार्को के अनुसार, सुबह अचानक मरीज की हालत बिगड़ गई। प्रारंभिक तौर पर ऐसा प्रतीत होता है कि सांप का जहर शरीर में काफी अधिक मात्रा में फैल चुका था, जिसके कारण उनकी मृत्यु हुई। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच जारी है और सभी की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।





