May 19, 2026

1 अप्रैल से GST और इनकम टैक्स के नए नियम लागू, व्यापारियों और निवेशकों पर सीधा असर

रायपुर। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट 2026-27 में की गई घोषणाओं के तहत 1 अप्रैल से कई अहम कर बदलाव लागू हो गए हैं। इनका सीधा असर व्यापारियों, निवेशकों और आम करदाताओं पर पड़ेगा।

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के वाइस चेयरमैन सीए चेतन तरवानी ने इन बदलावों की जानकारी देते हुए व्यापारियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

अप्रत्यक्ष कर (GST) में बड़े बदलाव

1. नई इनवॉइस सीरीज जरूरी
नए वित्तीय वर्ष से सभी व्यापारियों को अपनी बिल बुक की नंबरिंग फिर से शुरू करनी होगी। पुराने नंबर जारी रखना नियमों के खिलाफ होगा।

2. E-Invoicing अनिवार्य
जिन व्यापारियों का टर्नओवर वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹5 करोड़ से अधिक है, उनके लिए 1 अप्रैल से e-invoicing अनिवार्य कर दिया गया है। बिना IRN वाला बिल अमान्य माना जाएगा।

3. QRMP योजना की समय सीमा
छोटे व्यापारियों के लिए QRMP (Quarterly Return Monthly Payment) योजना में शामिल होने या बाहर निकलने की अंतिम तारीख 30 अप्रैल 2026 तय की गई है।

TCS (Tax Collected at Source) में बदलाव

  • Liquor, Scrap और Minerals पर TCS दर 1% से बढ़ाकर 2%
  • Tendu Leaves पर TCS 5% से घटाकर 2% (व्यापारियों को राहत)
  • विदेश में पढ़ाई/इलाज (₹10 लाख से अधिक) पर TCS 5% से घटाकर 2%
  • Overseas Tour Packages पर TCS 2%, ₹10 लाख की सीमा खत्म

प्रत्यक्ष कर (Income Tax) में बदलाव

1. STT में बढ़ोतरी

  • Equity Futures: 0.02% → 0.05%
  • Equity Options: 0.10% → 0.15%
  • Options Exercise: 0.125% → 0.15%

इससे डेरिवेटिव ट्रेडिंग महंगी हो जाएगी।

2. Buyback टैक्स में बदलाव
अब Buyback पर टैक्स ‘Deemed Dividend’ की बजाय Capital Gains के रूप में लगेगा।

  • LTCG: 12.5% (₹1.25 लाख तक छूट)
  • STCG: 20%

विशेषज्ञ की सलाह

सीए चेतन तरवानी ने करदाताओं और व्यापारियों को सलाह दी है कि वे अपने अकाउंटिंग सिस्टम, इनवॉइसिंग प्रक्रिया और टैक्स प्लानिंग को नए नियमों के अनुसार अपडेट करें, ताकि किसी भी प्रकार के जुर्माना या ब्याज से बचा जा सके।


1 अप्रैल से लागू ये नए कर नियम व्यापार करने के तरीके और निवेश रणनीतियों को प्रभावित करेंगे। समय रहते बदलावों को अपनाना ही समझदारी होगी।