May 18, 2026

पति और बच्चों को छोड़कर जाने वाली पत्नी को नहीं मिलेगा गुजारा भत्ता : हाईकोर्ट

बिलासपुर। भरण-पोषण से जुड़े एक मामले में Ramesh Sinha की सिंगल बेंच ने अहम फैसला सुनाते हुए निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा है। कोर्ट ने कहा कि यदि कोई पत्नी बिना ठोस कारण के अपने पति और बच्चों को छोड़कर चली जाती है और किसी अन्य पुरुष के साथ समय बिताती है, तो उसे Section 125 of the Code of Criminal Procedure की उपधारा (4) के तहत गुजारा भत्ता पाने का अधिकार नहीं है।

मामला भिलाई निवासी एक महिला से जुड़ा है, जिसने अपने पति के खिलाफ भरण-पोषण के लिए आवेदन दायर किया था। महिला का कहना था कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी और पति की सहमति से कोचिंग के लिए दिल्ली गई थी। उसने दावा किया कि उसके पति की मासिक आय करीब 3 लाख रुपये है, इसलिए उसे 1 लाख रुपये मासिक गुजारा भत्ता दिया जाए।

वहीं पति ने कोर्ट में बताया कि 11 नवंबर 2022 को पत्नी बिना बताए घर से चली गई थी और अपने दो छोटे बच्चों को भी घर पर छोड़ दिया था। उसने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में पता चला कि महिला एक अन्य व्यक्ति और अपनी बहन के साथ फ्लाइट से दिल्ली गई थी और वहां करीब 10-11 दिन तक रही।

सबूतों के आधार पर दुर्ग फैमिली कोर्ट ने पहले ही महिला की याचिका खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ उसने हाईकोर्ट में अपील की थी।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पत्नी का बिना पर्याप्त कारण पति और बच्चों को छोड़ना तथा किसी अन्य पुरुष के साथ कई दिनों तक रहना स्वैच्छिक परित्याग की श्रेणी में आता है। ऐसी स्थिति में सीआरपीसी की धारा 125(4) के तहत वह गुजारा भत्ता पाने की हकदार नहीं रहती।

इसी आधार पर अदालत ने महिला की याचिका खारिज कर दी।