बिलासपुर।
दुर्ग जिले के जनपद पंचायत पाटन में पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जागेंद्र कुमार के स्थानांतरण मामले में हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। छत्तीसगढ़ शासन के 16 दिसंबर 2025 के आदेश के तहत उन्हें प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी, जिला पंचायत राजनांदगांव पद पर स्थानांतरित किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने स्थानांतरण आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।
साथ ही हाईकोर्ट ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव और मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
🏢 नियुक्ति और स्थानांतरण का पूरा घटनाक्रम
याचिका के अनुसार—
- फरवरी 2022 में जागेंद्र कुमार की नियुक्ति मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत के पद पर हुई
- वर्ष 2023 में उनका स्थानांतरण जनपद पंचायत सक्ती से बेरला (बेमेतरा) किया गया
- अक्टूबर 2024 में उन्हें जनपद पंचायत बेरला से जनपद पंचायत पाटन, जिला दुर्ग स्थानांतरित किया गया
- उन्होंने 27 नवंबर 2024 को जनपद पंचायत पाटन में कार्यभार ग्रहण किया
इसके बाद 16 दिसंबर 2025 को उन्हें वर्तमान पद से हटाकर प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी, जिला पंचायत राजनांदगांव पद पर भेज दिया गया, जिसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
⚖️ याचिका में क्या दिए गए प्रमुख तर्क
हाईकोर्ट अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी, मशीन सिद्दीकी और नरेंद्र मेहेर के माध्यम से दायर याचिका में यह तर्क रखे गए—
🔹 प्रतिनियुक्ति बिना सहमति के अवैध
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने दलील दी कि—
- जागेंद्र कुमार का मूल पद मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत है
- उन्हें प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी के पद पर भेजा गया, जो प्रतिनियुक्ति का पद है
- प्रतिनियुक्ति के लिए याचिकाकर्ता की सहमति नहीं ली गई, जो विधि विरुद्ध है
🔹 स्थानांतरण नीति का उल्लंघन
अधिवक्ता ने यह भी कहा कि—
- याचिकाकर्ता की वर्तमान पदस्थापना को एक वर्ष एक माह ही हुआ है
- स्थानांतरण नीति 2025 की कंडिका 3.9 के अनुसार 1 जून 2025 की स्थिति में एक वर्ष से कम अवधि में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा
- ऐसे में यह आदेश नीति का स्पष्ट उल्लंघन है
🔹 निर्वाचन कार्य के कारण स्थानांतरण पर प्रतिबंध
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि—
- जागेंद्र कुमार वर्तमान में सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के रूप में
- विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य में संलग्न हैं
- निर्वाचन नामावली कार्य से जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण पर शासन द्वारा प्रतिबंध लगाया गया है
🧑⚖️ हाईकोर्ट का आदेश
सभी तथ्यों और दलीलों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति पी. पी. साहू ने—
- याचिकाकर्ता के स्थानांतरण आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी
- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव
- और मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग
को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया
🔍 प्रशासनिक हलकों में हलचल
इस आदेश को पंचायत सेवा से जुड़े अधिकारियों के लिए अहम माना जा रहा है। कानूनी जानकारों के अनुसार यह फैसला स्थानांतरण नीति, प्रतिनियुक्ति नियम और निर्वाचन कार्य से जुड़े प्रतिबंधों को लेकर एक महत्वपूर्ण नजीर बन सकता है।





