May 14, 2026

RTE एडमिशन की धीमी प्रक्रिया पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा स्कूलवार और छात्रवार पूरा ब्यौरा

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत कक्षा पहली में प्रवेश प्रक्रिया की धीमी रफ्तार को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से शपथ पत्र के माध्यम से विस्तृत जानकारी मांगी है। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह बताए कि किस स्कूल में कितनी सीटें हैं और उन सीटों पर किन बच्चों का प्रवेश हुआ है।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट राज्य सरकार की ओर से पेश किए गए शपथ पत्र से नाराज नजर आया। सरकार ने अपने जवाब में बताया कि प्रदेश के 387 स्कूल ऐसे हैं, जहां आरटीई के तहत प्रवेश के लिए एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं 366 स्कूल ऐसे हैं, जहां उपलब्ध सीटों की तुलना में आवेदन काफी कम आए हैं। इन स्कूलों में प्रदेश के कई बड़े और प्रतिष्ठित स्कूल भी शामिल हैं।

सरकार के जवाब पर हाईकोर्ट ने आश्चर्य जताते हुए सवाल किया कि क्या बड़े स्कूलों में गरीब बच्चे पढ़ना नहीं चाहते या फिर राज्य सरकार कुछ तथ्यों को छिपा रही है। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए आरटीई के तहत आबंटित सीटों की जानकारी ऑनलाइन सार्वजनिक करने के भी निर्देश दिए हैं।

मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को तय की गई है। हाईकोर्ट ने तब तक राज्य सरकार को विस्तृत और स्पष्ट जानकारी के साथ नया शपथ पत्र प्रस्तुत करने कहा है।