रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में B.Sc. एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी पेपर लीक मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले वायरल हुआ था और इसे छात्रों तक पहुंचाने के लिए पैसे लिए गए थे।
परीक्षा से दो घंटे पहले वायरल हुआ था पेपर
20 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक प्रदेश के कृषि महाविद्यालयों में B.Sc. कृषि द्वितीय वर्ष, द्वितीय सेमेस्टर के AGCH-221 (कीटशास्त्र) विषय की परीक्षा होनी थी।
परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले सुबह 8:41 बजे कवर्धा कृषि महाविद्यालय के ई-मेल पर प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना मिली। करीब 8:54 बजे संबंधित अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी गई। छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों ने भी WhatsApp के जरिए प्रश्नपत्र के कुछ सवाल वायरल होने की सूचना विश्वविद्यालय को दी।
जांच में सोशल मीडिया के जरिए प्रश्नपत्र प्रसारित होने की पुष्टि हुई। इसके बाद विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं स्नातक परीक्षा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. एनआर रंगारे की शिकायत पर तेलीबांधा थाने में मामला दर्ज किया गया।
दुर्ग के अनुज मिंज से मिली पेपर लीक की कड़ी
पुलिस जांच के दौरान दुर्ग निवासी अनुज मिंज के बारे में जानकारी मिली। पुलिस टीम ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद कबीरधाम, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और आसपास के जिलों में अलग-अलग टीमें भेजी गईं।
पुलिस के मुताबिक, करीब 36 घंटे की लगातार जांच के बाद पेपर लीक के स्रोत और इसमें शामिल आरोपियों की पहचान कर ली गई।
लिफाफे में छेद कर मोबाइल से बनाया पेपर का वीडियो
पुलिस के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपी प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया है। वह वर्ष 2019 से भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है। पिछले करीब एक साल से वह उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र प्राप्त करने का काम कर रहा था।
17 अगस्त को वह उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय रायपुर पहुंचा था। वहां से उसने आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र प्राप्त किए। पुलिस का आरोप है कि 20 अगस्त को होने वाली AGCH-221 परीक्षा का प्रश्नपत्र वह अपने घर ले गया।
आरोप है कि घर पर उसने लिफाफे में सुई और नुकीले उपकरण से छोटा छेद किया और मोबाइल कैमरा अंदर डालकर प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली। इसके बाद प्रश्नपत्र की सामग्री की नकल तैयार की गई।
11 हजार रुपये में छात्रों को बेचा प्रश्नपत्र
पुलिस के मुताबिक, योगेश सोनकेसरिया ने प्रश्नपत्र की सामग्री अपने कॉलेज के छात्र अजय नायक और दो अन्य छात्रों को कुल 11 हजार रुपये में बेची। इसके बाद अजय नायक ने प्रश्नपत्र त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू तक पहुंचाया।
इसी नेटवर्क के जरिए परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
6 आरोपी गिरफ्तार, 2 की तलाश जारी
पुलिस ने मामले में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। आरोपियों के कब्जे से 11 हजार रुपये नकद, 6 मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल तार, मोबाइल कनेक्टर, सुई, सुजा, कॉपी और फेविकोल बरामद किया गया है।
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पेपर लीक नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
- योगेश सोनकेसरिया (38) — निवासी सिवनी, मध्यप्रदेश
- अजय नायक (20) — निवासी बलौदाबाजार
- त्रिदेव पटेल (22) — निवासी महासमुंद
- नितिन पाण्डेय (22) — निवासी बस्तर
- अनुज मिंज (22) — निवासी जशपुर
- आदित्य साहू (20) — निवासी बालोद
निरस्त हो चुकी है परीक्षा, सितंबर में दोबारा होगी
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की B.Sc. एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित की गई थी। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने की शिकायत सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी।
जानकारी के अनुसार, करीब 1,200 विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल होने वाले थे। अब निरस्त परीक्षा सितंबर के प्रथम सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएगी।
CM साय ने दिए थे कड़ी कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पेपर लीक मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।





