January 16, 2026

India–Germany Submarine Deal: भारत और जर्मनी के बीच 8 अरब डॉलर की मेगा डिफेंस डील करीब, देश में बनेंगी पनडुब्बियां

नई दिल्ली। भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता (Make in India in Defence) की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। भारत और जर्मनी के बीच करीब 8 अरब डॉलर (लगभग 66 हजार करोड़ रुपये) की पनडुब्बी निर्माण डील अंतिम चरण में है। अगर यह डील फाइनल होती है, तो यह भारत की अब तक की सबसे बड़ी डिफेंस डील मानी जाएगी।

इस समझौते के तहत भारत में ही अत्याधुनिक पनडुब्बियों का निर्माण किया जाएगा और खास बात यह है कि इसमें पहली बार टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (ToT) भी शामिल होगा। इससे भारत की समुद्री ताकत को बड़ी मजबूती मिलेगी।


🤝 जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का भारत दौरा अहम

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 12 और 13 जनवरी 2026 को भारत दौरे पर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि इसी दौरे के दौरान इस मेगा डिफेंस डील को अंतिम रूप दिया जा सकता है।

जर्मन सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, फ्रेडरिक मर्ज अपनी पहली भारत यात्रा में

  • 12 जनवरी को गुजरात में पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे
  • इसके बाद बेंगलुरु जाकर जर्मन कंपनियों से चर्चा करेंगे

भारत में बनेगी जर्मन टेक्नोलॉजी वाली पनडुब्बी

रिपोर्ट के मुताबिक, इस डील के तहत जर्मनी की ThyssenKrupp Marine Systems (TKMS) और भारत की सरकारी कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) मिलकर पनडुब्बियों का निर्माण करेंगी।

इन पनडुब्बियों में Air-Independent Propulsion (AIP) सिस्टम होगा, जिससे

  • पनडुब्बी लंबे समय तक पानी के भीतर रह सकेगी
  • स्टेल्थ और निगरानी क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी

🌊 हिंद महासागर में भारत की ताकत बढ़ेगी

यह डील हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में भारत की रणनीतिक पकड़ को मजबूत करेगी, जहां चीन लगातार अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। जर्मन तकनीक से लैस ये सबमरीन भारत की समुद्री निगरानी और रक्षा क्षमता को नई ऊंचाई देंगी।


🇫🇷 🇷🇺 फ्रांस और रूस को झटका संभव

एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर जर्मनी के साथ यह डील पक्की हो जाती है तो भारत

  • फ्रांस से प्रस्तावित तीन अतिरिक्त पनडुब्बियां खरीदने की योजना रद्द कर सकता है
  • यह कदम रूस के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है

फिलहाल भारतीय नौसेना के पास

  • लगभग 12 पुरानी रूसी पनडुब्बियां
  • और 6 फ्रांसीसी पनडुब्बियां मौजूद हैं

🌍 डिफेंस और FTA पर भी होगी बातचीत

भारत और जर्मनी केवल रक्षा ही नहीं, बल्कि

  • दवा उद्योग
  • टेक्नोलॉजी
  • और यूरोपीय संघ–भारत मुक्त व्यापार समझौते (FTA)

पर भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।


🏭 Make in India को मिलेगा बड़ा बूस्ट

यह डील भारत की उस नीति के अनुरूप है, जिसमें सरकार ग्लोबल डिफेंस कंपनियों को भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर

  • स्थानीय निर्माण
  • टेक्नोलॉजी ट्रांसफर
  • और स्वदेशी रक्षा उत्पादन

के लिए प्रोत्साहित कर रही है।