May 13, 2026

जरहागांव में अवैध शराब बिक्री पर बवाल, BJP नेताओं ने पुलिस-आबकारी पर उठाए सवाल

मुंगेली। जिले के नगर पंचायत जरहागांव में अवैध शराब बिक्री को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। नगर पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पार्षदों और बीजेपी नेताओं ने थाना पहुंचकर ज्ञापन सौंपते हुए क्षेत्र में कथित अवैध शराब कारोबार पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं अब शराब दुकानों के संचालकों पर “कोचियों” को प्राथमिकता से शराब देने और महंगे दामों पर बिक्री कराने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

नगर पंचायत अध्यक्ष रूपाली वेदप्रकाश कश्यप, उपाध्यक्ष मनोज कश्यप और अन्य जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से खुलेआम अवैध शराब का कारोबार चल रहा है, जिससे सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन कार्रवाई नहीं करता तो क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

जनप्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि देशी और विदेशी शराब दुकानों में आने वाली खेप पहले कथित “कोचियों” को दी जाती है, जबकि आम लोगों को बाद में शराब मिलती है। उनका दावा है कि कोचीये अलग-अलग लोगों के जरिए एक बार में 20 से 24 पाव तक शराब खरीदते हैं और फिर उसे नगर व आसपास के क्षेत्रों में ऊंचे दामों पर बेचते हैं।

आरोप है कि 80 रुपये में मिलने वाली शराब को अवैध रूप से 120 से 150 रुपये तक बेचा जा रहा है। साथ ही कोचियों के लिए अलग दरवाजे और अलग व्यवस्था होने का भी दावा किया गया है। जनप्रतिनिधियों ने शराब दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की मांग की है।

वहीं देशी शराब दुकान के सुपरवाइजर रमेश साहू ने आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि शासन की नीति के अनुसार एक व्यक्ति को 24 पाव तक शराब देने का प्रावधान है। उनके मुताबिक दुकान कर्मचारी यह पहचान नहीं कर सकते कि कौन सामान्य ग्राहक है और कौन कोचीया।

मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। साथ ही जनप्रतिनिधियों से अपील की गई है कि किसी भी अवैध शराब कारोबारी को राजनीतिक या सामाजिक संरक्षण न दिया जाए।