January 16, 2026

India First Hydrogen Train: भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन ट्रायल के लिए तैयार, जानिए क्यों कहलाती है ‘इको-फ्रेंडली ट्रेन’

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भारत रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन अब ट्रायल रन के लिए पूरी तरह तैयार है। यह भारतीय रेलवे का महत्वाकांक्षी ग्रीन मोबिलिटी मिशन का पायलट प्रोजेक्ट है, जो पर्यावरण संरक्षण और स्वदेशी तकनीक की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

चीन और जर्मनी से भी एडवांस तकनीक

दुनिया में पहले से चीन और जर्मनी में हाइड्रोजन ट्रेनें चल रही हैं, लेकिन भारतीय रेलवे की यह ट्रेन उनसे कहीं ज्यादा ताकतवर और एडवांस मानी जा रही है।
यह दुनिया की सबसे लंबी ब्रॉड गेज (5 फीट 6 इंच) हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक है और इसमें दो पावर कार मिलकर 2400 kW की पावर जनरेट करती हैं।

रूट और संचालन

रेल मंत्रालय के अनुसार, पायलट फेज में यह ट्रेन हरियाणा में जिंद से सोनीपत के बीच गोहाना होते हुए चलाई जाएगी।

  • कुल 10 कोच
    • 2 ड्राइविंग पावर कार
    • 8 पैसेंजर कोच
  • सभी कोच चेन्नई स्थित ICF में पूरी तरह स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किए गए हैं।

स्पीड और टिकट

  • ऑपरेशनल स्पीड: 110 किमी प्रति घंटा
  • ट्रायल रन पूरे हो चुके हैं और तकनीकी जांच भी सफल रही है
  • टिकट कीमत और कमर्शियल ऑपरेशन को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है

ग्रीन हाइड्रोजन से चलेगी ट्रेन

इस ट्रेन को ईंधन मिलेगा जिंद में बने आधुनिक हाइड्रोजन प्लांट से।

  • स्टोरेज क्षमता: 3000 किलोग्राम हाइड्रोजन
  • पानी से इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के जरिए हाइड्रोजन का उत्पादन
  • प्लांट को चलाने के लिए 11 kV की स्थिर बिजली सप्लाई सुनिश्चित
    हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने प्रोजेक्ट की समीक्षा कर मजबूत बैकअप सिस्टम और तेज रिस्पॉन्स मैकेनिज्म पर जोर दिया है।

खास खूबियां (Key Features)

  • मेट्रो जैसी आधुनिक ट्रेन डिजाइन
  • हर कोच में दोनों तरफ दो-दो ऑटोमैटिक दरवाजे
  • बेहद कम शोर, लगभग बिना आवाज के संचालन
  • पंखे, लाइट और एयर कंडीशनिंग की सुविधा
  • ट्रेन चलने से पहले सभी दरवाजे पूरी तरह लॉक
  • 360 किलो हाइड्रोजन में करीब 180 किमी तक सफर
  • दोनों सिरों पर पावर इंजन, जिससे तेज एक्सेलेरेशन और स्मूद राइड

क्यों है यह ‘इको-फ्रेंडली ट्रेन’?

  • कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य
  • डीजल की जगह ग्रीन हाइड्रोजन का उपयोग
  • प्रदूषण और ध्वनि दोनों में भारी कमी
  • पर्यावरण के साथ-साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

संभावित लॉन्च डेट

मीडिया रिपोर्ट्स और सरकारी संकेतों के मुताबिक, 26 जनवरी 2026 को इसका ट्रायल रन शुरू हो सकता है। हालांकि, अंतिम और आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।

भारतीय रेलवे का ग्रीन मोबिलिटी मिशन

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया था कि यह हाइड्रोजन ट्रेन भारतीय रेलवे का पायलट प्रोजेक्ट है, जिसे RDSO मानकों के अनुसार विकसित किया गया है।
इस प्रोजेक्ट में पारंपरिक डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (DEMU) को हाइड्रोजन तकनीक में बदला गया है, जो भारत की स्वदेशी इंजीनियरिंग क्षमता को दर्शाता है।