24 जून का दिन भारतीय इतिहास में वीरता, साहित्य, विज्ञान और सामाजिक बदलाव की कई अहम घटनाओं के लिए जाना जाता है। यह दिन खासतौर पर गोंडवाना की वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान के लिए स्मरणीय माना जाता है, जिन्होंने मुगल सेना से लड़ते हुए मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
1564 में रानी दुर्गावती ने अदम्य साहस दिखाते हुए युद्धभूमि में वीरगति प्राप्त की थी। उनकी गाथा आज भी भारतीय इतिहास में साहस और आत्मबल का प्रतीक मानी जाती है।
साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में 1881 में प्रसिद्ध आरती ‘ओम जय जगदीश हरे’ के रचयिता पंडित श्रद्धाराम शर्मा का निधन हुआ, जबकि 1885 में सिख नेता मास्टर तारा सिंह का जन्म हुआ। 1897 में प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतज्ञ पंडित ओंकारनाथ ठाकुर का जन्म भी इसी दिन हुआ।
विज्ञान और रक्षा क्षेत्र में 1961 में भारत के पहले स्वदेशी सुपरसोनिक लड़ाकू विमान एचएफ-24 मारुत ने अपनी पहली सफल उड़ान भरी, जिसे देश की तकनीकी उपलब्धियों में एक बड़ा मील का पत्थर माना जाता है।
इसके अलावा 1974 में लॉर्ड्स टेस्ट में भारत की टीम इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ 42 रन पर ऑल आउट हो गई, जो आज भी टेस्ट क्रिकेट में भारत का सबसे कम स्कोर है।
सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्र में 1986 में सरकार ने अविवाहित महिलाओं को भी मातृत्व लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी, जो एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुधार माना जाता है।
इसी तरह 2005 में अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी का समर्थन किया, जो भारत की वैश्विक भूमिका को मजबूत करने वाला कदम था।
कुल मिलाकर 24 जून का दिन भारत के इतिहास में वीरता, उपलब्धियों और बड़े बदलावों का प्रतीक है।





