
भारत और अमेरिका के बीच पिछले कई महीनों से ट्रेड डील को लेकर बातचीत चल रही है। इसी बीच एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। भारत सरकार ने देश की तेल रिफाइनरियों से रूस और अमेरिका से खरीदे गए कच्चे तेल का हफ्तेभर का डेटा मांगा है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम वॉशिंगटन के साथ अहम ट्रेड डील को अंतिम रूप देने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि अमेरिका को संतुष्ट करने के लिए भारत रूस से कच्चे तेल का आयात घटाकर 10 लाख बैरल प्रतिदिन से कम कर सकता है।
गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन ने रूस से भारत द्वारा तेल खरीदे जाने को लेकर भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगा दिया था, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों पर असर पड़ा था।




