July 23, 2026

होर्मुज संकट के बीच भारत-वेनेजुएला ऊर्जा साझेदारी मजबूत, तेल आपूर्ति बढ़ाने पर बड़ा समझौता संभव

रायपुर/नई दिल्ली। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं और होर्मुज संकट के बीच भारत और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा सहयोग को नई मजबूती मिलने के संकेत मिले हैं। बुधवार को वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों, ऊर्जा सुरक्षा और तेल आपूर्ति बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच जल्द ही एक महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति समझौता हो सकता है।

बैठक से पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी डेल्सी रोड्रिगेज से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि भारत-वेनेजुएला संबंधों को मजबूत करने में रोड्रिगेज की अहम भूमिका रही है और प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी बातचीत द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देगी।

भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना वेनेजुएला

एनर्जी एनालिटिक्स फर्म केप्लर की रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 में वेनेजुएला भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है। इस दौरान उसने सऊदी अरब और अमेरिका को पीछे छोड़ दिया। भारत को केवल रूस और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से ही अधिक तेल आपूर्ति हुई।

रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल की तुलना में मई महीने में भारत को वेनेजुएला से होने वाली तेल आपूर्ति में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। जनवरी 2026 में अमेरिकी प्रतिबंधों में आंशिक ढील मिलने के बाद भारतीय कंपनियों ने वेनेजुएला से तेल आयात बढ़ाना शुरू किया था।

दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाला देश

करीब 303 अरब बैरल के अनुमानित भंडार के साथ वेनेजुएला दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार रखने वाला देश माना जाता है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ती अनिश्चितता और भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के बीच वेनेजुएला एक अहम रणनीतिक विकल्प के रूप में उभर रहा है।

भारतीय रिफाइनरियों के लिए फायदेमंद

वेनेजुएला का कच्चा तेल भारी और उच्च सल्फर युक्त होता है, लेकिन भारत की आधुनिक रिफाइनरियां इसे डीजल, जेट फ्यूल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों में प्रभावी ढंग से परिवर्तित करने में सक्षम हैं। अपेक्षाकृत कम कीमत होने के कारण यह भारतीय तेल कंपनियों के लिए आर्थिक रूप से भी लाभकारी साबित हो रहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि वेनेजुएला भारत का महत्वपूर्ण ऊर्जा साझेदार है। उन्होंने बताया कि भारतीय सरकारी तेल कंपनियों का वहां के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश है और भविष्य में निवेश बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।

भारत की छठी यात्रा पर डेल्सी रोड्रिगेज

डेल्सी रोड्रिगेज की यह भारत की छठी यात्रा है। इससे पहले वह फरवरी 2025 में नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक में शामिल हुई थीं। उस दौरान भी दोनों देशों के बीच तेल आपूर्ति, रिफाइनिंग सहयोग और ऊर्जा निवेश बढ़ाने पर चर्चा हुई थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों में भारत और वेनेजुएला के बीच बढ़ता ऊर्जा सहयोग दोनों देशों के लिए रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।