March 3, 2026

Indian Defence Budget 2026: ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना को सबसे बड़ा बजट, ₹7.8 लाख करोड़ मंजूर

नई दिल्ली | 1 फरवरी 2026
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश किया। 85 मिनट के अपने बजट भाषण में आम आदमी के लिए कोई बड़ा सीधा ऐलान नहीं किया गया, लेकिन टैक्स फाइलिंग को आसान बनाने, रेलवे परियोजनाओं और आयुर्वेदिक AIIMS जैसे प्रस्ताव जरूर सामने आए।

हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पेश हुए पहले बजट में भारतीय सेना को लेकर सरकार ने खुलकर खजाना खोला है। वित्त मंत्री ने रक्षा मंत्रालय के लिए ₹7.8 लाख करोड़ का प्रावधान किया, जो अब तक का भारत का सबसे बड़ा रक्षा बजट है।

रक्षा बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

  • कुल रक्षा बजट: ₹7.8 लाख करोड़
    (पिछले वर्ष ₹6.81 लाख करोड़ – करीब 14–15% की बढ़ोतरी)
  • कैपिटल बजट (आधुनिकीकरण):
    ₹1.80 लाख करोड़ → ₹2.19 लाख करोड़
  • उद्देश्य: आधुनिक हथियार, नई तकनीक और सेना की ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत करना

सरकार ने साफ किया कि इस बजट का मुख्य फोकस आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और आयात पर निर्भरता कम करना है।

क्यों अहम है यह बढ़ोतरी?

दुनिया भर में बढ़ते सैन्य तनाव—

  • रूस-यूक्रेन युद्ध
  • मध्य पूर्व संकट
  • भारत-चीन और भारत-पाकिस्तान सीमा पर चुनौतियां

इन हालातों में भारत को ड्रोन, मिसाइल, फाइटर जेट, साइबर और एयर डिफेंस क्षमताओं को तेज़ी से मजबूत करना जरूरी हो गया है। रक्षा विशेषज्ञ लंबे समय से 20% तक बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे, जिसे इस बजट में काफी हद तक पूरा किया गया है।

प्रमुख रक्षा परियोजनाएं (Pipeline Projects)

  • राफेल फाइटर जेट:
    नौसेना के लिए 26 या उससे अधिक Rafale-M की खरीद का प्रस्ताव
  • सबमरीन (Project 75I):
    AIP तकनीक से लैस 6 नई स्टील्थ पनडुब्बियां
  • ड्रोन और UAV:
    MQ-9B हाई-एल्टीट्यूड ड्रोन, स्वदेशी ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम
  • अन्य प्रमुख सिस्टम:
    • LCA Mk1A / Mk2 तेजस
    • LCH प्रचंड हेलिकॉप्टर
    • ब्रह्मोस मिसाइल
    • S-400 एयर डिफेंस
    • नई मिसाइल और रडार तकनीक

रक्षा निर्यात पर भी नजर

सरकार का लक्ष्य है कि 2029 तक रक्षा निर्यात ₹50,000 करोड़ तक पहुंचाया जाए। भारत का रक्षा उत्पादन पहले ही रिकॉर्ड स्तर पर है और यह बजट उस रफ्तार को और तेज करेगा।

ATF (एविएशन टरबाइन फ्यूल) का असर

भारतीय वायुसेना के Su-30MKI, राफेल, मिराज-2000, MiG-29 और IL-78 टैंकर जैसे विमान ATF पर निर्भर हैं।

  • जनवरी 2026 में ATF कीमतें YoY 2.2% ज्यादा,
  • जबकि MoM 7.2% कम रहीं

वैश्विक तेल बाजार पर मध्य पूर्व और रूस-यूक्रेन युद्ध का सीधा असर बना हुआ है, जिसका प्रभाव रक्षा खर्च पर भी पड़ता है।