जगदलपुर। बस्तर के युवाओं, विशेषकर जनजातीय छात्र-छात्राओं के लिए अब कमर्शियल पायलट बनने का सपना हकीकत में बदल सकता है। शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय और स्वावलंबी भारत अभियान की पहल पर देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो ने बस्तर के युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम ‘Giving Wings to Fly’ शुरू करने पर सहमति जताई है।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि चयनित अभ्यर्थियों को कमर्शियल पायलट बनने तक की पूरी ट्रेनिंग और संबंधित खर्च इंडिगो द्वारा वहन किया जाएगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली युवाओं को बड़ा अवसर मिलेगा, जिन्हें सामान्य परिस्थितियों में महंगी पायलट ट्रेनिंग प्राप्त करना मुश्किल होता है।
योजना के तहत 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के वे युवा आवेदन कर सकेंगे जिन्होंने 12वीं कक्षा में फिजिक्स, गणित और अंग्रेजी विषयों की पढ़ाई की हो। पासपोर्ट होना वांछनीय है, हालांकि जिन अभ्यर्थियों के पास पासपोर्ट नहीं है, वे भी आवेदन कर सकते हैं और आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
अंतिम चयन इंडिगो की प्रवेश परीक्षा और निर्धारित पात्रता मानकों के आधार पर किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में दो से तीन विद्यार्थियों के चयन की संभावना है, लेकिन प्रदर्शन के आधार पर आगे और अवसर भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बस्तर संभाग के सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश जारी कर अधिक से अधिक पात्र छात्र-छात्राओं से आवेदन कराने को कहा है, ताकि इस अवसर का लाभ क्षेत्र के युवाओं तक पहुंच सके।
यह पहल केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि बस्तर के युवाओं को एविएशन जैसे प्रतिष्ठित और तकनीकी क्षेत्र से जोड़ने का प्रयास है। लंबे समय तक चुनौतियों और पिछड़ेपन की पहचान वाले बस्तर के लिए यह पहल नई संभावनाओं का द्वार खोल सकती है।
यदि यह योजना सफल होती है, तो आने वाले वर्षों में बस्तर के युवा और बेटियां कमर्शियल विमान के कॉकपिट में नजर आ सकते हैं, जो क्षेत्र के लिए एक नई और प्रेरणादायक पहचान बनेगी।





