नई दिल्ली। Investment Tips 2026 के तहत भविष्य को सुरक्षित करने के लिए निवेश करना बेहद जरूरी है। अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि कम सैलरी होने पर निवेश संभव नहीं है, जबकि सच्चाई यह है कि इनकम चाहे कम हो या ज्यादा, हर व्यक्ति को नियमित रूप से निवेश करना चाहिए।
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति की मंथली सैलरी 1 लाख रुपये है, तो वह सही प्लानिंग के साथ आसानी से निवेश कर सकता है। इसके लिए 50-30-20 फॉर्मूला सबसे बेहतर माना जाता है।
क्या है 50-30-20 फॉर्मूला?
इस फॉर्मूले में सैलरी को तीन हिस्सों में बांटा जाता है—
- 50 प्रतिशत खर्च: यानी 50,000 रुपये जरूरी खर्चों के लिए। इसमें घर का किराया, राशन, बिजली-पानी के बिल, बच्चों की फीस और अन्य आवश्यक खर्च शामिल होते हैं।
- 30 प्रतिशत खर्च: यानी 30,000 रुपये व्यक्तिगत जरूरतों और पसंद के खर्चों के लिए। इसमें घूमना-फिरना, शॉपिंग, मनोरंजन और बाहर खाना शामिल हो सकता है।
- 20 प्रतिशत निवेश: बाकी बचे 20,000 रुपये हर महीने निवेश करने की सलाह दी जाती है।
निवेश कहां करें?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेश की रकम को एक ही जगह लगाने के बजाय अलग-अलग विकल्पों में बांटना चाहिए। निवेशक म्यूचुअल फंड SIP, PPF, EPF, हेल्थ इंश्योरेंस, टर्म इंश्योरेंस और इमरजेंसी फंड जैसे विकल्पों में निवेश कर सकते हैं।
हालांकि, निवेश की राशि हर व्यक्ति के खर्च और जिम्मेदारियों के अनुसार अलग हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति 20,000 रुपये से ज्यादा बचत कर पाता है, तो उसे निवेश की रकम बढ़ानी चाहिए।





