March 5, 2026

कवर्धा IPS अधिकारी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, पदोन्नति में कथित अन्याय का लगाया आरोप

कवर्धा: छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। IPS 2012 बैच के पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह छवई ने मुख्यमंत्री विष्णु देव को पत्र लिखकर दावा किया है कि नियमों के बावजूद उन्हें जानबूझकर उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) पद पर पदोन्नति नहीं दी गई। अधिकारी ने पत्र में भेदभाव और संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन की भी बात कही है।

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अधिकारी के अनुसार, वे वर्तमान में कवर्धा पुलिस अधीक्षक हैं। पुलिस मुख्यालय द्वारा 10 अक्टूबर 2024, 31 दिसंबर 2024, 26 मई 2025 और 31 जुलाई 2025 को जारी पदोन्नति सूचियों में उनके नाम पर विचार किया गया, लेकिन उन्हें पदोन्नत नहीं किया गया। अधिकारी ने बताया कि इसका कारण यह बताया गया कि उनके खिलाफ भोपाल स्थित लोकायुक्त संगठन में जांच लंबित है।

धर्मेंद्र सिंह छवई ने पत्र में कहा कि उनके मामले में न तो चार्जशीट जारी हुई है और न ही कोई विभागीय कार्रवाई लंबित है, जबकि ऐसे अन्य अधिकारियों को पदोन्नति मिल गई है जिनके खिलाफ अधिक गंभीर आरोप हैं। उन्होंने इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद-16 के तहत समान अवसर के अधिकार का उल्लंघन बताया।

पत्र में भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 15 जनवरी 1999 को जारी पदोन्नति नियमों का हवाला देते हुए कहा गया कि यदि अधिकारी निलंबित नहीं हैं, आरोप पत्र जारी नहीं हुआ है और न्यायालय में आपराधिक मामला लंबित नहीं है, तो उन्हें पदोन्नति से वंचित नहीं किया जा सकता।

यह मामला पुलिस विभाग में पदोन्नति की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। अब यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री और राज्य सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं।