राज्य शासन के निर्देशानुसार बस्तर जिले में शासकीय कार्यप्रणाली को पूर्णतः डिजिटल और पेपरलेस बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। कलेक्ट्रेट स्थित प्रेरणा सभा कक्ष में आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविर में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ई-ऑफिस तथा कर्मयोगी पोर्टल सहित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म की जानकारी दी गई।
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा देना है। ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से अब फाइलों की रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव होगी, जिससे कार्यों के निपटारे में तेजी आएगी और आम नागरिकों को समय पर सेवाएं मिल सकेंगी।
प्रशिक्षण सत्र में शासन द्वारा नामांकित मास्टर ट्रेनर्स ने ई-ऑफिस के अलावा स्पैरो, ई-एचआरएमएस और आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल के विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। स्पैरो पोर्टल के जरिए अधिकारियों के वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (एसीआर) को ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाया गया है, वहीं ई-एचआरएमएस के माध्यम से कर्मचारियों की सेवा संबंधी जानकारी का डिजिटल संधारण किया जाएगा।
मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत आईजीओटी पोर्टल के माध्यम से सरकारी कर्मचारियों को निरंतर कौशल विकास और प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे बदलते प्रशासनिक परिवेश के अनुरूप स्वयं को अद्यतन रख सकें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया गया। प्रथम सत्र में कलेक्ट्रेट, संयुक्त जिला कार्यालय, नगर निगम जगदलपुर एवं जिला पंचायत बस्तर के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जबकि द्वितीय सत्र में अन्य विभागों के कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया।
प्रशासन का मानना है कि इस डिजिटल पहल से न केवल कार्यप्रणाली में गति आएगी, बल्कि पेपरलेस व्यवस्था के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।




