May 13, 2026

जगदलपुर में कुत्तों की पूजा से शुरू हुआ नसबंदी अभियान, छिड़ी सियासत

जगदलपुर। शहर में आवारा कुत्तों की नसबंदी अभियान की शुरुआत अब राजनीतिक विवाद का विषय बन गई है। महाराणा प्रताप वार्ड स्थित एसएलआरएम डोंगरी सेंटर परिसर में नगर निगम द्वारा स्थापित एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर का शुभारंभ किया गया। इस दौरान महापौर Sanjay Pandey समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने कुत्तों की पूजा-अर्चना कर उन्हें तिलक लगाया और दूध पिलाकर अभियान की शुरुआत की।

कार्यक्रम की तस्वीरें सामने आने के बाद शहर में इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई। कांग्रेस ने इस आयोजन को “कोरा दिखावा” बताते हुए नगर निगम और महापौर पर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि कुत्तों की पूजा ही करनी है तो उनके लिए अलग डॉग हाउस बनाकर रोज पूजा की जाए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जमीनी समाधान के बजाय केवल प्रचार किया जा रहा है।

वहीं महापौर संजय पांडेय ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि जीव सेवा और सनातन परंपरा से जुड़े कार्यों पर विपक्ष को आपत्ति होती है। उन्होंने कहा कि कुत्तों का संबंध सनातन परंपरा में राहु-केतु और भगवान कालभैरव से माना जाता है और पूजा-अर्चना समाज को सकारात्मक संदेश देने का प्रयास है।

फिलहाल धरमपुरा क्षेत्र से पकड़े गए 22 आवारा श्वानों को एबीसी सेंटर में रखा गया है। यहां स्नेह एनिमल वेलफेयर सोसायटी के डॉक्टरों की टीम द्वारा उनका बधियाकरण, डी-वॉर्मिंग और रेबीज टीकाकरण किया जाएगा। उपचार के बाद तीन दिनों तक निगरानी रखी जाएगी और स्वस्थ होने पर उन्हें उसी इलाके में छोड़ा जाएगा, जहां से पकड़ा गया था।

इस अभियान में स्ट्रे सेफ फाउंडेशन भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। संस्था के सदस्य Luptesh Jagat को निगरानी समिति में शामिल किया गया है, ताकि पूरी प्रक्रिया में पशुओं के साथ किसी तरह की क्रूरता न हो।

नगर निगम ने हर महीने करीब 500 आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण का लक्ष्य तय किया है। साथ ही नागरिकों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर 1100 जारी किया गया है, ताकि आवारा कुत्तों से जुड़ी शिकायत मिलने पर टीम तत्काल कार्रवाई कर सके।